उपनिवेशवाद से मुक्ति का मतलब भारतीय दृष्टिकोण से प्रामाणिक इतिहास प्रस्तुत करना है : अमित शाह

अमित शाह ने कहा कि इतिहास को उपनिवेशवादी प्रभाव से मुक्त करना अतीत मिटाना नहीं, बल्कि भारतीय दृष्टिकोण से ऐतिहासिक सच्चाई को प्रमाणिक तरीके से दुनिया के सामने रखना है।

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मुंबई: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि देश के इतिहास और ज्ञान को उपनिवेशवादी प्रभाव से मुक्त करने का मतलब अतीत को मिटाना नहीं है, बल्कि ‘‘भारतीय दृष्टिकोण से ऐतिहासिक सच्चाई को प्रामाणिक तरीके से दुनिया के सामने प्रस्तुत करना है।’’ उन्होंने एशियाटिक सोसायटी मुंबई में एक पांडुलिपि प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के बाद कहा कि भारतीय ज्ञान, इतिहास, परंपराओं, भाषाओं, पांडुलिपियों और अभिलेखों को संरक्षित किया जाना चाहिए तथा इन्हें देश और दुनिया भर के लोगों तक पहुंचाया जाना चाहिए।

शाह ने कहा, ‘‘उपनिवेशवाद से मुक्ति का मतलब इतिहास को मिटाना नहीं है। हमारी नजर से इसका अर्थ है कि ऐतिहासिक सच्चाई को प्रामाणिक तरीके से और भारतीय दृष्टिकोण से दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाए।’’ उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने ज्ञान और सत्ता को एक-दूसरे के साथ जोड़ दिया था तथा अब जरूरत इस बात की है कि ज्ञान को उस ढांचे से मुक्त किया जाए। शाह ने कहा, ‘‘आज हम ज्ञान को उस ढांचे से मुक्त करने और उसे उपनिवेशवादी प्रभाव से मुक्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।’’

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।