नयी दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने आंध्र प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग को बुधवार को निर्देश दिया कि वह राज्य में होने वाले शहरी स्थानीय निकाय चुनाव के लिए उम्मीदवारों की अंतिम सूची 26 अक्टूबर तक प्रकाशित नहीं करे। यह अंतिम सूची बुधवार को जारी की जानी थी।

न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने ‘‘प्रथम दृष्टया यह दिखाया है’’ कि उसके कई उम्मीदवारों को लगभग 100 शहरी स्थानीय निकाय के चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने से रोका गया था।
अदालत ने राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया कि वह वाईएसआरसीपी और अन्य उम्मीदवारों की उन शिकायतों पर विचार करे जिनमें उन्होंने संबंधित सबूत पेश करते हुए कहा है कि उन्हें नामांकन पत्र दाखिल करने से रोका गया था। अदालत ने आयोग को नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ाने के संबंध में बृहस्पतिवार तक फैसला लेने का भी निर्देश दिया।
पीठ ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों और निर्वाचन कार्यालयों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दिया। उसने कहा कि नामांकन पत्र दाखिल करना स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का एक महत्वपूर्ण पहलू है। पीठ ने राज्य निर्वाचन आयोग से यह सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने को भी कहा कि वाईएसआरसीपी और अन्य उम्मीदवारों के मन में राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव होने को लेकर कोई आशंका न रहे।


