कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विपक्षी दलों पर बुधवार को आरोप लगाया कि वे चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की घटना के पीड़ितों और घायलों के साथ खड़े होने के बजाय इस मामले पर राजनीति कर रहे हैं। शुभेंदु अधिकारी ने यह टिप्पणी उस समय की, जब वह उत्तर 24 परगना जिले के न्यू बैरकपुर इलाके में भगदड़ में मारी गई प्रिया समद्दार के घर गए थे। उन्होंने प्रिया के शोक संतप्त परिवार को राज्य सरकार की ओर से 25 लाख रुपये की मुआवजा राशि भी सौंपी। उत्तरी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम भगदड़ मचने से 19 लोगों की मौत हो गई थी और 25 अन्य घायल हो गए थे। चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की घटना से निपटने के सरकार के तरीके और वहां पुलिस की व्यवस्था को लेकर तृणमूल कांग्रेस सहित विपक्षी दलों की आलोचना के बारे में पूछे जाने पर शुभेंदु अधिकारी ने उनके रवैये पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा, ‘‘कौन सा विपक्ष है? केवल विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट ही बचा है।’’ शुभेंदु अधिकारी ने ‘‘तृणमूल कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) सहित अन्य विपक्षी दलों की प्रासंगिकता खत्म होने’’ का संकेत देते हुए पूछा, ‘‘क्या ऐसा कोई विपक्षी दल भगदड़ के बाद कोलकाता मेडिकल कॉलेज के मुर्दाघर या मेडिकल कॉलेज अस्पताल गया था?’’ शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि वह 24 अक्टूबर तक सभी मृतकों के घर जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को पूर्व बर्धमान जिले में भगदड़ में मारे गए तोगोर बेज (37) और उनके बेटे संदीप (14) के परिवार से मुलाकात की थी। इसके बाद वह हुगली जिले के आरामबाग में पियाली प्रामाणिक (25) के परिजनों से मिले थे। प्रामाणिक, तोगोर बेज की रिश्तेदार थीं। उन्होंने नादिया जिले के चकदह में आरती सरकार (45), हुगली के बैद्यबाटी में श्रीपर्णा पोद्दार (26) और हावड़ा के लिलुआ में आकृति राउत (17) के परिवारों से भी मुलाकात की। तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने मंगलवार को सवाल उठाया था कि चोरबागान दुर्गा पूजा समिति में प्रमुख पदों पर बैठे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं को भगदड़ के बाद गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने भाजपा सरकार के कदमों पर सवाल उठाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। खरगे ने कहा, ‘‘मणिपुर न्याय, गरिमा, संवैधानिक अधिकार और स्थायी शांति का हकदार है।’’ उन्होंने कहा कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीमावर्ती राज्य की सुरक्षा और स्थिरता को भाजपा की ‘‘राजनीतिक सुविधा’’ के लिए बंधक नहीं बनाया जा सकता।


