


बताया जा रहा है कि खुद पर लगे आरोपों से मुक्त होने के लिए आरोपियों की ओर से डिस्चार्ज याचिका दाखिल की गई थी। कोर्ट के इस फैसले के बाद मामले में आरोप गठन का रास्ता साफ हो गया है।





पूर्व मंत्री के बेटे समेत 7 आरोपी चार्जशीटेड
इस मामले में ईडी ने पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के बेटे अंकित राज समेत कुल 7 लोगों को चार्जशीटेड आरोपी बनाया है। ईडी की जांच में अवैध रेत खनन और उससे होने वाली कमाई को कथित तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए खपाने का आरोप लगाया गया है।
ईडी के अनुसार, अंकित राज का खनन लाइसेंस वर्ष 2019 में समाप्त हो गया था। इसके बावजूद आरोप है कि उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर अवैध तरीके से रेत खनन का काम जारी रखा।
हाहारो, प्लांडु और दामोदर नदी से अवैध खनन का आरोप
जांच एजेंसी का आरोप है कि हाहारो, प्लांडु और दामोदर नदियों से अवैध रूप से रेत निकाली जाती थी। इसके बाद रेत को बेचकर कथित तौर पर बड़ी रकम अर्जित की गई।
ईडी के मुताबिक, अवैध तरीके से निकाली गई रेत को आरोपियों के सहयोगियों के लाइसेंस प्राप्त यार्ड में भेजा जाता था। वहां उसे वैध स्टॉक के साथ मिलाकर बेचने का आरोप है।
ऐसे सफेद किया जाता था अवैध कमाई का पैसा
ईडी ने अपनी जांच में आरोप लगाया है कि कथित सिंडिकेट ने अवैध कमाई को वैध दिखाने के लिए एक पूरा नेटवर्क तैयार किया था। अवैध रेत को वैध स्टॉक के साथ मिलाकर बेचने के बाद रकम को अलग-अलग वित्तीय लेनदेन के जरिए घुमाया जाता था।
जांच एजेंसी के अनुसार, इस पूरे खेल से करीब 3.12 करोड़ रुपये की आपराधिक आय अर्जित की गई।
3.02 करोड़ की संपत्ति कुर्क कर चुकी है ईडी
ईडी के मुताबिक, जांच के दौरान अंकित राज की 28 अचल संपत्तियों और दो फिक्स्ड डिपॉजिट समेत करीब 3.02 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं।
मामले में ईडी की ओर से दो बार छापेमारी भी की गई थी। अब अनिल कुमार की डिस्चार्ज याचिका खारिज होने के बाद केस की अगली बड़ी कार्रवाई आरोप गठन को लेकर होगी।
हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला ट्रायल के दौरान साक्ष्यों और न्यायालय के निर्णय के आधार पर होगा।
