
नई दिल्ली: भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और परीक्षा घोटालों पर रोक लगाने की दिशा में केंद्र सरकार को बड़ी सफलता मिली है। एंटी पेपर लीक बिल गुरुवार को राज्यसभा से भी पारित हो गया। लंबी बहस और विपक्ष के वॉकआउट के बाद सदन ने बिल को मंजूरी दे दी। अब इस विधेयक को कानून बनने के लिए केवल राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार है।
राज्यसभा में इस बिल पर करीब सात घंटे तक चर्चा हुई। सरकार ने इसे युवाओं के भविष्य की सुरक्षा और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने की दिशा में अहम कदम बताया। वहीं, विपक्ष ने बिल के कुछ प्रावधानों पर सवाल उठाते हुए सदन से वॉकआउट किया।
सरकार का कहना है कि नया कानून लागू होने के बाद पेपर लीक, परीक्षा में धांधली और संगठित नकल कराने वाले गिरोहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकेगी। दोषियों पर भारी जुर्माना और सख्त सजा का प्रावधान होगा, ताकि भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे।
हाल के वर्षों में विभिन्न राज्यों में सामने आए पेपर लीक मामलों के बाद लंबे समय से ऐसे कानून की मांग की जा रही थी। अब राज्यसभा से भी बिल पारित होने के बाद इसके जल्द कानून बनने का रास्ता लगभग साफ हो गया है।
राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून पूरे देश में लागू होगा और प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

