एक्वालाइन भुवनम ने राज्य मूल्यांकन बोर्ड में हासिल किया सर्वोच्च स्कोर, झारखंड स्टार्टअप नीति 2023 के तहत हुआ चयन

जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण पर काम करने वाले एक्वालाइन भुवनम ने झारखंड स्टार्टअप मूल्यांकन में शीर्ष स्थान हासिल किया, ‘पानी की खेती’ मॉडल को मिली नई पहचान।

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रांची : झारखंड में जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण और जलवायु अनुकूल कृषि के क्षेत्र में कार्यरत स्टार्टअप एक्वालाइन भुवनम (पूर्व में एक्वालाइन भुंगरू) ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम की है। राज्य मूल्यांकन बोर्ड (SEB) द्वारा आयोजित स्टार्टअप मूल्यांकन प्रक्रिया में इस स्टार्टअप ने प्रकाशित परिणामों में सर्वाधिक औसत अंक प्राप्त करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया है। साथ ही इसे झारखंड स्टार्टअप नीति 2023 के अंतर्गत चयनित स्टार्टअप के रूप में भी मान्यता प्रदान की गई है।

जानकारी के अनुसार झारखंड स्टार्टअप इकोसिस्टम के तहत कुल 103 स्टार्टअप्स ने आवेदन किया था। विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा किए गए मूल्यांकन के बाद जारी परिणामों में एक्वालाइन भुवनम ने 69 अंकों का औसत स्कोर प्राप्त किया, जो प्रकाशित सूची में शामिल सभी स्टार्टअप्स में सर्वाधिक रहा। मूल्यांकन के दौरान स्टार्टअप को एक मूल्यांकनकर्ता से 97 अंक भी प्राप्त हुए, जो इसकी नवाचार क्षमता, सामाजिक प्रभाव और तकनीकी मजबूती को दर्शाता है।

एक्वालाइन भुवनम की स्थापना रोटेरियन रथिन भद्र एवं रोटेरियन राजा बागची की ओर से की गई है। यह स्टार्टअप “पानी की खेती (Water Farming)” की अवधारणा पर कार्य करता है, जिसका उद्देश्य अतिरिक्त वर्षा जल एवं सतही बहाव का वैज्ञानिक प्रबंधन कर भूजल भंडारों का पुनर्भरण करना तथा किसानों, ग्रामीण समुदायों, उद्योगों और स्थानीय निकायों के लिए दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

स्टार्टअप का मानना है कि भारत में बढ़ती जल संकट की समस्या, भूजल स्तर में गिरावट तथा जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों का समाधान केवल पारंपरिक उपायों से संभव नहीं है। इसी सोच के साथ एक्वालाइन भुवनम ने जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण के क्षेत्र में नवाचारी एवं व्यावहारिक समाधान विकसित किए हैं, जो सतत कृषि और ग्रामीण विकास को भी प्रोत्साहित करते हैं।

झारखंड स्टार्टअप नीति 2023 के अंतर्गत चयनित होने के बाद अब स्टार्टअप को राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले विभिन्न प्रोत्साहनों, सहायता कार्यक्रमों और विकास अवसरों का लाभ मिलेगा, जिससे इसके नवाचारों को बड़े स्तर पर लागू करने में मदद मिलेगी।

इस अवसर पर संस्थापक RTN. रथिन भद्र एवं सह-संस्थापक RTN. राजा बागची ने झारखंड सरकार, राज्य मूल्यांकन बोर्ड, मार्गदर्शकों, सहयोगियों तथा सभी हितधारकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनके स्टार्टअप की सफलता नहीं, बल्कि झारखंड में जल संरक्षण एवं सतत विकास के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों की भी पहचान है। उन्होंने भविष्य में झारखंड सहित देश के अन्य राज्यों में भी “पानी की खेती” मॉडल को विस्तार देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

एक्वालाइन भुवनम की यह उपलब्धि न केवल झारखंड के स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए गौरव का विषय है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि जल प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नवाचार भविष्य में ग्रामीण विकास और जल सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।