
Jantar Mantar Protest: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में गुरुवार शाम आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार से युवाओं की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग उठाई।
प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने के बाद केजरीवाल ने आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दीप से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने सोनम वांगचुक का हालचाल जाना और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। इस दौरान प्रदर्शनकारी “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” के नारे लगाते रहे।
सभा को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार को युवाओं की आवाज सुननी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों और युवाओं की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार समय रहते लोगों की बात नहीं सुनेगी तो इसका राजनीतिक असर भी देखने को मिल सकता है।
अपने संबोधन के दौरान केजरीवाल ने कहा कि उनकी राय में धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री के पद से हटाया जाना चाहिए और सोनम वांगचुक को शिक्षा मंत्री बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह उनका राजनीतिक प्रस्ताव है और इसे लेकर उन्होंने मंच से प्रदर्शनकारियों की सहमति भी मांगी।
इससे पहले समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव भी जंतर-मंतर पहुंचीं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की और भरोसा दिलाया कि 20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र में उनकी पार्टी इस मुद्दे को संसद में उठाएगी।
उधर, प्रदर्शन कर रहे संगठन की ओर से जारी स्वास्थ्य बुलेटिन में बताया गया कि आंदोलन के नेतृत्व से जुड़े एक अनशनकारी की सेहत पर डॉक्टर लगातार नजर रख रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। उनका आरोप है कि परीक्षा से जुड़े विवादों और कथित अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री को पद छोड़ना चाहिए।
नोट: धर्मेंद्र प्रधान को हटाने और सोनम वांचित को शिक्षा मंत्री बनाने की मांग प्रदर्शन के दौरान अरविंद केजरीवाल द्वारा रखा गया एक राजनीतिक प्रस्ताव है। इस संबंध में केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक निर्णय या घोषणा नहीं की गई है।

