
स्पोर्ट्स डेस्क: कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को जूडो में बड़ी सफलता मिली है। महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में अस्मिता डे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कनाडा की खिलाड़ी को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो में भारत के लिए एक नया इतिहास भी रच दिया।
फाइनल मुकाबला काफी रोमांचक रहा। निर्धारित समय तक दोनों खिलाड़ी 1-1 की बराबरी पर थीं। इसके बाद मुकाबले का फैसला गोल्डन स्कोर में हुआ, जहां अस्मिता डे ने बेहतरीन दांव लगाते हुए जीत दर्ज की और भारत की झोली में गोल्ड मेडल डाल दिया।
जूडो के अलावा बॉक्सिंग में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। पुरुषों के 55 किलोग्राम वर्ग में जादुमणि सिंह ने नामीबिया के फिलिप हाउसेब को हराकर फाइनल में जगह बना ली। वहीं अंकुश पंघाल, अरुंधति चौधरी, जैस्मीन लम्बोरिया और प्रीति पवार भी अपने-अपने वर्ग के फाइनल में पहुंच चुके हैं। इन सभी खिलाड़ियों ने कम से कम रजत पदक तो पक्का कर ही लिया है, जबकि अब उनसे स्वर्ण पदक की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
उधर, जूडो में पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में हर्ष सिंह और महिलाओं के 57 किलोग्राम वर्ग में यामिनी मौर्या भी फाइनल में पहुंचकर भारत के लिए एक और पदक सुनिश्चित कर चुके हैं।
भारत का पदक अभियान लगातार मजबूत होता जा रहा है। अब तक भारतीय दल के खाते में 17 पदक आ चुके हैं, जिनमें 3 स्वर्ण, 9 रजत और 5 कांस्य पदक शामिल हैं। अब खेल प्रेमियों की नजर देर रात होने वाले जैवलिन थ्रो फाइनल पर है, जहां स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा के साथ रोहित यादव और यशवीर सिंह भी भारत के लिए पदक जीतने की चुनौती पेश करेंगे।

