असम में बाढ़ की स्थिति में सुधार, 6.50 लाख से अधिक लोग अब भी प्रभावित

Archana Ekka
4 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

गुवाहाटी: असम में बाढ़ की स्थिति में रविवार को कुछ सुधार हुआ। बाढ़ प्रभावित अधिकांश क्षेत्रों में जलस्तर घट रहा है क्योंकि इन इलाकों में रातभर बारिश नहीं हुई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, राज्य के छह जिलों में अब भी 6.50 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं और इस वर्ष बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 66 हो गई है।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के एक अधिकारी ने बताया कि ऊपरी असम के अधिकांश बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों विशेषकर चराइदेव, शिवसागर और जोरहाट जिलों में जलस्तर घट रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि दिन के दौरान स्थिति में और सुधार होगा। इससे राहत कार्यों को बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी।’’

प्राधिकरण की ओर से मध्यरात्रि में जारी दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार, चराइदेव, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, जोरहाट, नगांव और शिवसागर जिलों में 6,54,800 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। शिवसागर बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित जिला है, जहां करीब 2.90 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। चराइदेव में 1.90 लाख और जोरहाट में 1.30 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। शुक्रवार को राज्य के नौ जिलों में 7.05 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित थे। हालांकि, स्थिति में मामूली सुधार आया है। एएसडीएमए के मध्यरात्रि बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटे में बाढ़ से चार और लोगों की मौत हो गई, जिससे इस वर्ष बाढ़ में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 66 हो गई है। इनमें शिवसागर में तीन और चराइदेव में एक व्यक्ति की मौत हुई।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को असम सरकार को बाढ़ से निपटने के लिए केंद्र की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश रुकने से बाढ़ की स्थिति में सुधार के संकेत मिले हैं। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविरों का दौरा कर राहत उपायों की समीक्षा की और अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं, भोजन, पेयजल तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि स्थिति में कुछ सुधार हुआ है और प्रशासन लगभग सभी प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में सफल रहा है।

शर्मा ने शनिवार देर शाम मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में बताया कि ऊपरी असम में बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्र की एक टीम राज्य में पहुंच चुकी है। एएसडीएमए ने बताया कि प्रशासन छह जिलों में 274 राहत शिविर एवं राहत वितरण केंद्र संचालित कर रहा है, जहां वर्तमान में 18,902 विस्थापित लोगों को आश्रय दिया गया है।
प्राधिकरण के अनुसार, सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा, पुलिस तथा अन्य नागरिक एजेंसियों ने ऊपरी असम के विभिन्न क्षेत्रों से कई लोगों को सुरक्षित निकाला है।

पिछले 24 घंटे के दौरान बाढ़ पीड़ितों के बीच 1,668.68 क्विंटल चावल, 286.99 क्विंटल दाल, 83.75 क्विंटल नमक और 7,995.01 लीटर सरसों का तेल वितरित किया गया।
प्राधिकरण के अनुसार, राज्य में फिलहाल 810 गांव जलमग्न हैं और 34,970.8 हेक्टेयर कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ के कारण विभिन्न जिलों में तटबंधों, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को भी क्षति पहुंची है। वर्तमान में शिवसागर में दिखौ नदी और नुमालीगढ़ में धानसिरी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

Share This Article
अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सनमार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।