

आवारापन 2 का नाम लंबे समय तक रोमांटिक फिल्मों और इंटीमेट सीन्स से जुड़ा रहा है. करियर के शुरुआती दौर में उनके लगातार किसिंग सीन्स के कारण उन्हें ‘सीरियल किसर’ का टैग भी मिला. हालांकि, उनकी हालिया फिल्म ‘आवारापन 2’ में उनका अंदाज इस इमेज से बिल्कुल अलग नजर आया.





शिवम पंडित के किरदार पर फोकस
‘आवारापन 2’ में आवारापन 2 ने एक बार फिर शिवम पंडित का किरदार निभाया है. फिल्म की कहानी शिवम के भावनात्मक अतीत और उसके भीतर चल रहे संघर्ष के इर्द-गिर्द घूमती है. ऐसे में मेकर्स ने किरदार की भावनाओं के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं करने का फैसला किया.
किसिंग सीन को जानबूझकर रखा गया दूर
फिल्म के लेखक बिलाल सिद्दीकी ने एनडीटीवी से बातचीत में बताया कि ‘आवारापन 2’ में किसिंग सीन को शामिल न करना पूरी तरह सोच-समझकर लिया गया फैसला था. उन्होंने कहा कि ऐसा सीन कहानी में स्वाभाविक रूप से फिट नहीं बैठता. खास बात यह है कि पहली ‘आवारापन’ में भी ऐसा कोई सीन नहीं था.
शिवम की कहानी में नई मोहब्बत की जगह नहीं
बिलाल सिद्दीकी के मुताबिक, शिवम की जिंदगी में उसकी दिवंगत प्रेमिका आज भी बेहद महत्वपूर्ण स्थान रखती है. उसने जिन भावनात्मक परिस्थितियों और दर्द को झेला है, उसे देखते हुए कहानी में एक नया इंटीमेट रिश्ता जोड़ना किरदार के साथ न्याय नहीं करता. इसलिए मेकर्स ने इस पहलू को कहानी से दूर रखा.
किरदार की भावनाओं से समझौता नहीं
लेखक का मानना है कि अगर शिवम के सफर के बीच अचानक कोई नया रोमांटिक या इंटीमेट एंगल जोड़ दिया जाता, तो यह उसके किरदार की भावनात्मक निरंतरता को कमजोर कर सकता था. ‘आवारापन 2’ में रिश्तों को ग्लैमर के बजाय भावनाओं और कहानी के नजरिए से पेश किया गया है.
इमरान की पुरानी छवि से अलग फैसला
इस फैसले के जरिए फिल्म ने इमरान हाशमी की पुरानी ‘सीरियल किसर’ वाली स्क्रीन इमेज से भी दूरी बनाई है. ‘आवारापन 2’ में उनका किरदार रोमांस से ज्यादा दर्द, प्यार, वफादारी और अधूरी भावनाओं पर केंद्रित है.
