प्रख्यात फिल्ममेकर एस.एस. राजामौली ने एक बार फिर भारतीय सिनेमा को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई है। फ्रांस में आयोजित प्रतिष्ठित एनेसी इंटरनेशनल एनीमेशन फिल्म फेस्टिवल 2026 में उन्होंने ‘बाहुबली: द इटरनल वॉर पार्ट 1’ की पहली झलक पेश की। फिल्म को फेस्टिवल के वर्क-इन-प्रोग्रेस सेगमेंट में प्रदर्शित किया गया, जहां इसे अंतरराष्ट्रीय दर्शकों और फिल्म विशेषज्ञों से खास ध्यान मिला। यह प्रोजेक्ट ‘बाहुबली’ यूनिवर्स को एक नए एनीमेशन स्वरूप में आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

‘दुनिया की सर्वश्रेष्ठ फिल्म बनाने की कोशिश’
इवेंट के दौरान एस.एस. राजामौली ने कहा कि इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य केवल एक एनीमेटेड फिल्म बनाना नहीं, बल्कि ‘बाहुबली’ की विरासत को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाई देना है। उन्होंने बताया कि निर्देशक ईशान शुक्ला की रचनात्मक सोच को सर्वश्रेष्ठ रूप देना उनकी प्राथमिकता है। राजामौली ने विश्वास जताया कि पूरी टीम इस फिल्म को तकनीकी, कलात्मक और भावनात्मक स्तर पर बेहतरीन बनाने के लिए पूरी मेहनत करेगी।
पौराणिक कहानियों के लिए चुना एनीमेशन का माध्यम
राजामौली ने एनीमेशन को चुनने की वजह भी स्पष्ट की। उनके अनुसार भारतीय पौराणिक कथाएं इतनी विशाल और कल्पनाशील हैं कि उन्हें लाइव-एक्शन फिल्मों में पूरी भव्यता के साथ दिखाना हमेशा संभव नहीं होता। एनीमेशन के जरिए इन कहानियों के मूल चरित्र, भारतीय संस्कृति और भव्यता को बिना किसी तकनीकी सीमा के प्रस्तुत किया जा सकता है। उनका लक्ष्य ऐसी दृश्य भाषा तैयार करना है, जिससे दुनिया का हर दर्शक इन कहानियों से सहज रूप से जुड़ सके और भारतीय विरासत को नए नजरिए से देख सके।


