
रांची : नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते की गिरफ्तारी पर बड़ा आरोप मढ़ा है। उन्होंने सोमवार को कहा कि झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते की सीआइडी की ओर से गिरफ्तारी महज दिखावे की है। हेमंत सरकार विनय चौबे की तरह इन्हें भी बिना चार्जशीट दाखिल किए डिफॉल्ट बेल दिलाकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देगी।
उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग सिर्फ जेपीएससी तक सीमित नहीं है। जेएसएससी की सहायक आचार्य, सीजीएल, उत्पाद सिपाही और पीजीटी जैसी परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली कर नौकरियां बेची गई है। सरकार यदि वास्तव में कार्रवाई करना चाहती है, तो जेपीएससी के तीनों सदस्यों के साथ-साथ JSSC-CGL परीक्षा के दौरान आयोग में जिम्मेदार तत्कालीन अधिकारियों नीरज सिन्हा और सुधीर गुप्ता तथा अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड अपने पास रखने वाले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी विनोद की भी गिरफ्तारी करे।
साथ ही जेएसएससी के प्रभारी चेयरमैन आइएएस प्रशांत कुमार को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज की जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच का आदेश दिया जाए।

