
रांची: झारखंड में JPSC परीक्षा को लेकर सियासत तेज हो गई है। बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में एनडीए विधायकों की बैठक हुई, जिसमें आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में उतरने का फैसला लिया गया।
बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। मरांडी ने कहा कि परीक्षा परिणामों में गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं, जहां कम अंक पाने वाले अभ्यर्थी पास हो गए, जबकि अधिक अंक लाने वाले उम्मीदवारों को असफल घोषित कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि पिछले छह वर्षों में राज्य में जितनी भी भर्ती परीक्षाएं हुई हैं, उन सभी की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर उन्हें रद्द किया जाए। मरांडी ने अभय तिवारी का जिक्र करते हुए दावा किया कि उन्होंने 13 में से 12 परीक्षाएं पास कीं, जो पूरे मामले पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की मिलीभगत से नौकरियां बेची गईं और इस पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को इस्तीफा देना चाहिए।
बाबूलाल मरांडी ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल और अखिलेश यादव दिल्ली में छात्रों के समर्थन में पहुंचे थे, लेकिन झारखंड के आंदोलनरत छात्रों की आवाज उन्हें सुनाई नहीं दे रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि विधायक दल की बैठक में फैसला लिया गया है कि भाजपा छात्रों की आवाज बनकर उनके साथ खड़ी रहेगी। साथ ही मरांडी ने मांग की कि जिन मामलों में गंभीर अनियमितताओं के आरोप हैं, उनमें सीआईडी के बजाय सीबीआई जांच की सिफारिश की जाए, ताकि निष्पक्ष जांच हो सके।

