बाबूलाल की मांग, हेमंत सोरेन दें इस्तीफा, कहा- मुंबई के होटल ताज में मॉडल से रेप मामले में तहकीकात करने पर पता लगा…

News Aroma Media
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न्यूज़ अरोमा दुमका: भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने  कहा कि पिछले सात दिनों से सोशल मीडिया और मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म में यह खबरें घूम रही थी।

मुंबई की एक मॉडल के साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बलात्कार किया था।

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जब मैंने इसकी तहकीकात की तो पता चला कि 21 अक्टूबर 2013 में मुंबई की उस मॉडल ने मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में याचिका दाखिल कर के आरोप लगाया था की उसके साथ झारखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मुंबई के होटल ताज लैंड्स एंड में 5 सितंबर 2013 को रेप किया था।

इस संबंध में उसने सेक्शन 376 ,366, 365, 354, 323,506/RW,120 B,34 आईपीसी की धाराओं के तहत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और सुरेश नागरे के ऊपर मुकदमा दर्ज करने की याचिका दाखिल की थी (314/SW/2013)। केस की सुनवाई के ठीक पहले 30 अक्टूबर को उस मॉडल ने मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में अर्जी डालकर याचिका को वापस लेने की अर्जी दी।

अर्जी वापस लेने का आधार यह बनाया गया था कि उसकी शादी हो रही है और अब वह केस में भाग दौड़ करने में सक्षम नहीं है।

शनिवार को दुमका में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए मरांडी ने कहा कि केस में एक नया मोड़ तब आया जब 8 अगस्त 2020 को गुजरात जाते समय उस मॉडल का कार एक्सीडेंट हो गया।

उसके बाद उसको यह लगने लगा कि 4 लोग उसका हमेशा पीछा कर रहे हैं।

यह सारी बातें उसने मुंबई के बांद्रा पुलिस स्टेशन में 8 दिसंबर,2020 को दिए गए अपने आवेदन में कहा जिसमें उसने फिर से उस केस को दर्ज करने की गुहार लगाई और अपने लिए सुरक्षा भी मांगी।

मरांडी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के कई निर्णय है कि ऐसे जघन्य अपराधों में बिना जांच के मामला वापस नहीं हो सकता है।

उन्होंने कहा यह भारत के इतिहास में पहली बार हो रहा है जब एक सत्ता पर आसीन एक मुख्यमंत्री के ऊपर रेप के आरोप लगे हैं।

2013 में जिस वक्त हेमंत सोरेन पर आरोप लगा था तब भी वह मुख्यमंत्री थे और आज भी वह मुख्यमंत्री हैं। उन पर वर्ष 2013 में लगा रेप का आरोप आज भी यथावत है।

रेप का आरोप रहते कोई मुख्यमंत्री के पद पर एक क्षण भी कैसे रह सकता है? भारत के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ है जब रेप का आरोपी मुख्यमंत्री के पद पर रहा हो।

इसलिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अपने पद से अविलम्ब इस्तीफा देना चाहिए और खुद इस पूरे मामले की सीबीआई जांच की अनुशंसा करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि यह एक से अधिक राज्य का मामला है इसलिए जांच के लिए सीबीआई ही सक्षम एजेंसी है।

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