आशा भोसले के निधन से एक बार फिर सुर्खियों में आया बरेली का ‘झुमका’

अक्षय तृतीया से पहले बरेली के मशहूर ‘झुमका’ की मांग तेजी से बढ़ गई है, वहीं आशा भोसले के गीत “झुमका गिरा रे” की लोकप्रियता फिर से चर्चा में आ गई है।

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बरेली: बरेली का प्रसिद्ध ‘झुमका’ एक बार फिर सुर्खियों में है और 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया त्यौहार से पहले इन पारंपरिक झुमकों की मांग में वृद्धि देखी जा रही है। बरेली के झुमके को विश्व पटल पर लाने वाली मशहूर गायिका आशा भोसले का 12 अप्रैल को मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया था। खासतौर पर युवाओं के बीच इस पारंपरिक आभूषण की मांग अचानक बढ़ गई है। दरअसल 19 अप्रैल को पड़ने वाले अक्षय तृतीया से पहले झुमकों की खरीदारी बहुत तेज हो गई है। आशा भोसले, जिन्होंने सात दशकों से भी लंबे करियर में 12,000 से अधिक गाने गाए। उनके जाने के बाद उनके मशहूर गीत “झुमका गिरा रे, बरेली के बाजार में” की लोकप्रियता फिर से चर्चा में आ गई है। बरेली के ज्वैलर्स के अनुसार, अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर महिलाएं झुमके खरीदने के लिए बाजार का रुख कर रही हैं। आर्टिफिशियल ज्वैलरी के व्यापारियों ने बढ़ती मांग को देखते हुए दिल्ली के थोक विक्रेताओं से झुमकों का नया स्टॉक मंगवाना शुरू कर दिया है।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।