

नई दिल्ली: भारतीय विधिज्ञ परिषद (बीसीआई) ने बृहस्पतिवार को सभी राज्य विधिज्ञ परिषदों को निर्देश दिया कि वे नालसर विधि विश्वविद्यालय के वर्ष 2026 में उत्तीर्ण होने वाले किसी भी स्नातक को अगले आदेश तक अधिवक्ता के रूप में नामांकित न करें। हालांकि, सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश के बाद बीसीआई ने कुछ ही घंटों के भीतर यह आदेश वापस ले लिया। बीसीआई के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने अपने पहले बयान में कहा था कि परिषद विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की भागीदारी के खिलाफ चलाए गए अभियान से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है।





