नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने भलस्वा लैंडफिल को साफ करने की समय-सीमा को छठी बार बढ़ा कर फरवरी 2027 कर दिया है। इस स्थान पर अब भी वर्षों से जमा 10 लाख मीट्रिक टन से अधिक पुराना कूड़ा पड़ा हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, नगर निगम ने दिल्ली सरकार को एक संशोधित कार्य योजना सौंपी है। इसमें भलस्वा कूड़े के पहाड़ को हटाने की समय-सीमा को दिसंबर 2026 से बढ़ाकर फरवरी 2027 कर दिया गया है, जबकि ओखला के लिए दिसंबर 2026 और गाजीपुर के लिए दिसंबर 2027 की समय-सीमा को बरकरार रखा गया है।

अधिकारियों ने कहा कि इस देरी का मुख्य कारण भलस्वा लैंडफिल से पुराने कूड़े के प्रसंस्करण – कूड़े को छांटने और पुनर्चक्रण के माध्यम से पुन: इस्तेमाल योग्य बनाने की प्रक्रिया – तथा उसे हटाने का काम देख रहे ठेकेदार का बदला जाना है। एक अधिकारी ने बताया, ‘‘ठेका दूसरी कंपनी को सौंपे जाने के दौरान साजो-सामान व मशीनों के प्रबंधन एवं परिवहन से जुड़ी समस्याओं के कारण दो महीने की देरी हुई है।’’
उन्होंने बताया कि पुराने ठेकेदार को इस स्थल से करीब 30 लाख मीट्रिक टन पुराना कूड़ा हटाने का काम सौंपा गया था। इसके बाद नगर निगम ने नयी निविदा जारी की, जिसके बाद दूसरी एजेंसी ने नयी दरों पर काम संभाला, जिससे यह देरी हुई। नगर निगम के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भलस्वा में 10.77 लाख मीट्रिक टन पुराना कूड़ा अभी बचा हुआ है, जबकि 104.40 लाख मीट्रिक टन कूड़े का प्रसंस्करण किया जा चुका है।


