
Bihar will get a new government in April: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार में पहली बार भाजपा के नेतृत्व में NDA की सरकार का गठन लगभग तय माना जा रहा है उसमें JDU के दो उपमुख्यमंत्री होंगे,यह भी तय है।
स्पीकर पद को लेकर अभी कुछ तय नही है । स्पीकर और मंत्रिपरिषद के स्वरूप को लेकर दोनों दलों के नेता आपस में बातचीत कर अंतिम निर्णय लेंगे।इसको लेकर कोई भी हड़बड़ी में नहीं है।
इस बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार की शाम अपने आवास पर पार्टी नेताओं की बैठक बुलाई है।इसमें वह अपने राज्यसभा जाने के फैसले को लेकर पार्टी के सांसदों, विधायकों और विधान पार्षदों से विस्तार से बातचीत करेंगे और उनकी राय भी जानेंगे।
सूत्रों के अनुसार वह फिलहाल मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगे। जब तक वे औपचारिक रूप से राज्यसभा के सदस्य नहीं बन जाते, तब तक बिहार सरकार की कमान उनके हाथों में ही रहेगी। बिहार के पांच राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हो रहा है।
इसके बाद ही चुनाव बाद नवनिर्वाचित उम्मीदवारों को सदन की सदस्यता की शपथ दिलाई जायेगी। ऐसे में राज्य की नई सरकार अप्रैल में ही शपथ लेगी।
सियासी गलियारे में चल रही चर्चा के अनुसार मुख्यमंत्री BJP के कोटे से होता है तो उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे है है। वह फिलहाल राज्य सरकार में दूसरे नंबर की स्थिति रखते हैं और उनके पास गृह विभाग की जिम्मेदारी भी है। हालांकि वह BJP में आयातित नेता के तौर पर जाने जाते हैं और उनका बैकग्राउंड भी संघ का नहीं रहा है।
इसके अलावे वह विवादों के घेरे में भी रहे हैं। विधानसभा चुनाव से पहले जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने तो उनके इतिहास का पूरा पुलिंदा हीं खोलकर रख दिया था। एक और प्रमुख नाम केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय का भी लिया जा रहा है। यादव बिरादरी से आने वाले नित्यानंद राय को अगर बिहार की कमान सौंपी जाती है तो इससे यादव मतदाताओं को BJP की ओर आकर्षित करने की रणनीति को बल मिल सकता है। वहीं, मुख्यमंत्री पद के लिए विजय कुमार सिन्हा का भी नाम सामने आ रहा है।
अगड़ी जाति(भूमिहार) से आने वाले विजय कुमार सिन्हा की नजदीकी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से रही है और संगठन के भीतर भी उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। पार्टी इनके नाम पर भी विचार कर सकती है। BJP के संभावित चेहरों में एक नाम नीतीश मिश्रा का भी चर्चा में है। वे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा के बेटे हैं और पिछली सरकार में उद्योग मंत्री रह चुके है।
नई सरकार में उन्हें मंत्री पद नहीं मिलने के बाद उनके नाम को लेकर अटकलें और तेज हो गई है। महिला चेहरे की बात करें तो खेल मंत्री श्रेयसी सिंह का नाम भी संभावितों में लिया जा रहा है। वे युवा हैं और खेल की दुनिया में भी चर्चित हैं। अगर उनके नाम पर सहमति बनी तो बिहार को एक युवा, पढ़ी-लिखी और स्वच्छ छवि वाली महिला मुख्यमंत्री मिल सकती है।
वहीं, सीतामढ़ी जिले से आने वाली विधायक गायत्री देवी का नाम भी चर्चा में है। वे लगातार तीसरी बार भाजपा के टिकट पर विधायक बनी हैं।
हालांकि भाजपा के द्वारा लिए जाने वाले फैसले अक्सर चौंकाने वाले होते हैं। इसके साथ हीं दीघा से भाजपा विधायक संजीव चौरसिया के नाम को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही है। सूत्रों के अनुसार मुख्य मंत्री BJP का होगा तो जदयू के दो उपमुख्यमंत्री होंगे। इस संबंध में JDU के वरिष्ठ नेता एवं मंत्री विजय कुमार चौधरी और नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के नामों की चर्चा है।
सूत्रों की माने तो निशांत कुमार का उपमुख्यमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। इसके अलावे बिहार में जदयू का नेतृत्व भी उन्हें सौंपा जा सकता है।

