
CBSE Chairman Transfer: देश की प्रमुख परीक्षा संचालित करने वाली संस्था केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) में केंद्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। बोर्ड की कार्यप्रणाली और हालिया विवादों को देखते हुए CBSE के चेयरमैन और सचिव का तबादला कर दिया गया है। साथ ही OSM (ऑनलाइन स्कैन कॉपी मैनेजमेंट) से जुड़े विवादों की जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, परीक्षा प्रबंधन, मूल्यांकन प्रक्रिया और परिणाम घोषित होने के बाद सामने आई तकनीकी व प्रशासनिक चुनौतियों की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है। सरकार का मानना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सुधारात्मक कदम आवश्यक हैं।
OSM विवाद से बढ़ी परेशानी
कक्षा 10वीं और 12वीं के परिणाम जारी होने के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने अपनी स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं को देखने में समस्याओं की शिकायत की थी। छात्रों का आरोप था कि कई उत्तर पुस्तिकाएं धुंधली थीं, कुछ पन्ने गायब थे और ऑनलाइन पोर्टल तक पहुंचने में भी तकनीकी दिक्कतें आ रही थीं।
इन शिकायतों के बाद CBSE के OSM प्लेटफॉर्म की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे। मामले ने तूल पकड़ने के बाद मूल्यांकन प्रक्रिया, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और शिकायत निवारण व्यवस्था को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई।
उच्च स्तर पर हुई समीक्षा
जानकारी के मुताबिक, नरेंद्र मोदी स्वयं NEET पेपर लीक मामले और CBSE से जुड़े OSM विवाद की समीक्षा कर रहे थे। बताया जा रहा है कि उच्च स्तर पर हुई समीक्षा के बाद ही बोर्ड के दोनों शीर्ष अधिकारियों के तबादले का फैसला लिया गया।
सरकार द्वारा गठित समिति अब OSM प्लेटफॉर्म की कार्यप्रणाली, तकनीकी खामियों और शिकायतों की जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। माना जा रहा है कि रिपोर्ट के आधार पर CBSE की परीक्षा और मूल्यांकन प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव किए जा सकते हैं।

