
नई दिल्ली: ई-कॉमर्स मंच मीशो ने सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) और डिजिटल व्यवसायों को सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध कंपनियां बनने में मदद करने के उद्देश्य से बीएसई के साथ साझेदारी की है। इस पहल का नाम ‘प्रोजेक्ट शिखर’ है, जिसे एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) के माध्यम से औपचारिक रूप दिया गया है। इसका उद्देश्य उच्च प्रदर्शन करने वाले स्वतंत्र ई-कॉमर्स विक्रेताओं को बीएसई के एसएमई मंच पर सूचीबद्ध कराने में सहायता करना है, जिससे उनकी वृद्धि के लिए आवश्यक पूंजी की जरूरतें पूरी हो सकें। बीएसई के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सुंदररमन राममूर्ति ने कहा कि बीएसई ने एसएमई मंच की शुरुआत गतिशील और रोजगार सृजन करने वाले व्यवसायों को पूंजी बाजार तक सीधी पहुंच देने के लिए की थी।
राममूर्ति ने कहा, ‘‘ वर्षों में बीएसई एसएमई मंच ने सैकड़ों एमएसएमई को सूचीबद्ध होने, वृद्धि पूंजी जुटाने और कामकाज मानकों को मजबूत करने में सक्षम बनाया है। मीशो के साथ यह साझेदारी इस परिवेश को डिजिटल-प्रथम उद्यमियों तक विस्तारित करती है, जिससे ई-कॉमर्स विक्रेता सार्वजनिक कंपनियां बन सकें।’’
भारत के खुदरा व्यापार का एक बड़ा हिस्सा अनौपचारिक या असंगठित क्षेत्रों में संचालित होता है, जिसे पारंपरिक विस्तार पूंजी तक पहुंचने में अकसर बाधाओं का सामना करना पड़ता है।
बयान में मीशो ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट शिखर’ इस अंतर को पाटेगा और सार्वजनिक सूचीकरण के लिए चरणबद्ध मार्ग तैयार करेगा। मीशो में कॉर्पोरेट मामलों की प्रमुख लोपामुद्रा राव ने कहा कि मंच के विक्रेता परिवेश का एक बड़ा हिस्सा ऐसे उद्यमी व्यवसायों का है, जो तेजी से बढ़े हैं लेकिन निवेश के लिए तैयार इकाई में बदलना जटिल बना रहता है। राव ने कहा, ‘‘ ‘प्रोजेक्ट शिखर’ इस जटिलता को दूर करता है। बीएसई के साथ इस साझेदारी के माध्यम से हम न केवल विक्रेताओं को सार्वजनिक पूंजी जुटाने में मदद कर रहे हैं बल्कि हम पारदर्शी और अनुपालन करने वाले व्यवसायों की एक श्रृंखला भी तैयार कर रहे हैं, जो भारत की औपचारिक अर्थव्यवस्था को गति देंगे।’’

