रांची: सीजीएल परीक्षा में गड़बड़ी कर मामले में सीआईडी की पांच सदस्यीय टीम ने कार्रवाई करते हुए देवघर के बांधाजोरी थाना क्षेत्र से पशुपालन विभाग के लिपिक पद पर कार्यरत आरोपी सुधाकर कुमार को गिरफ्तार किया है। टीम ने आरोपी के पास से कई चेकबुक, बरामद कागजात, रुपये समेत अन्य सामान भी जब्त किए हैं। आरोपी से पूछताछ के आधार पर मामले में कई अहम जानकारियां सामने आने की बात कही जा रही है।
सीआईडी के अनुसार सुधाकर पर सीजीएल समेत अन्य परीक्षाओं में सेटिंग कराने का आरोप है। जांच के दौरान उसके संबंध में कई अभ्यर्थियों को परीक्षा पास कराने और नौकरी दिलाने के लिए पैसे लेने की जानकारी मिली। आरोपी के पास से बरामद दस्तावेजों और अन्य सामान की भी जांच की जा रही है।
1400 से अधिक लोगों को फर्जी तरीके से बहाल कराने का दावा
पूछताछ में सुधाकर ने कथित तौर पर बताया कि उसके माध्यम से कई अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट, जेपीएससी और सीजीएल समेत अन्य परीक्षाएं पास की हैं। आरोपी ने यह भी दावा किया कि उसके जरिए एक छोटा से लेकर बड़े स्तर तक करीब 1400 से अधिक लोगों को फर्जी तरीके से बहाल कराया गया है। सीआईडी अब इस दावे की सत्यता की जांच कर रही है।
देवघर से रांची ट्रांसफर कराकर कर रहा था काम
बताया गया कि सुधाकर मूल रूप से बिहार के बांका जिले के जयपुर थाना क्षेत्र के जयपुर गांव का रहने वाला है। वर्ष 2018 में पशुपालन विभाग में लिपिक पद पर बहाल हुआ था और करीब पांच वर्षों तक कोडरमा में कार्यरत रहा। वहां से गिरिडीह और बाद में देवघर ट्रांसफर हुआ। परीक्षा में सेटिंग का मामला सामने आने के बाद पूर्व सीआईडी के अधिकारी के निर्देश पर उसका रांची से देवघर ट्रांसफर कराया गया था।
सीआईडी की पांच सदस्यीय टीम ने छापेमारी के दौरान आरोपी को गिरफ्तार किया। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के पास से बरामद दस्तावेजों में कई अभ्यर्थियों से जुड़े कागजात और लेन-देन से संबंधित जानकारी हो सकती है। सीआईडी अब पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

