
चंडीगढ़ : पंजाब विधानसभा के विधायक हॉस्टल से जुड़े विरासत फर्नीचर की शिकागो में हुई नीलामी का विवाद अभी थमा भी नहीं था कि चंडीगढ़ की विरासत से जुड़ा एक और मामला सामने आ गया। बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में गुरुवार को प्रसिद्ध वास्तुकार पियरे जेनरे द्वारा डिजाइन किए गए चंडीगढ़ मूल के विरासत फर्नीचर की नीलामी की गई, जिससे सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।
ब्रसेल्स स्थित नीलामी संस्था ‘पीआईएएसए’ (PIASA) द्वारा आयोजित इस नीलामी में चंडीगढ़ और पंजाब सरकार के विभिन्न संस्थानों से जुड़े 13 फर्नीचर आइटम शामिल थे। इनकी अनुमानित कुल कीमत 1.96 लाख यूरो से 2.90 लाख यूरो (करीब 2.13 करोड़ से 3.16 करोड़ रुपये) आंकी गई थी।मामले को लेकर हेरिटेज प्रोटेक्शन सेल के सदस्य और विरासत संरक्षण कार्यकर्ता अजय जग्गा ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को पत्र भेजकर तत्काल कूटनीतिक हस्तक्षेप की मांग की है।
अपने पत्र में जग्गा ने कहा कि कई अंतरराष्ट्रीय नीलामी घरों में ऐसे फर्नीचर खुलेतौर पर प्रदर्शित किए जा रहे हैं, जिन पर चंडीगढ़ और पंजाब सरकार के संस्थानों की मूल पहचान संबंधी निशानियां और शिलालेख मौजूद हैं। उनका कहना है कि ये चिह्न वस्तुओं की प्रामाणिकता और स्वामित्व साबित करते हैं तथा भारत को उनकी वापसी का मजबूत दावा प्रदान करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद इन नीलामियों को रोकने या विरासत संपत्तियों को वापस लाने के लिए कोई प्रभावी प्रयास दिखाई नहीं दे रहा है। जग्गा ने भारतीय दूतावासों को सतर्क करने, अंतरराष्ट्रीय नीलामी घरों की निगरानी के लिए औपचारिक व्यवस्था बनाने और विदेश मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय तथा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के बीच समन्वित तंत्र विकसित करने की मांग की।

