बक्सा पुल के निर्माण की मांग को लेकर 21 नवंबर से अनिश्चितकालीन सत्याग्रह करेंगे योगेंद्र यादव

चतरा का 100 साल पुराना बक्सा पुल जर्जर होने से हजारों लोगों की जान खतरे में है। योगेन्द्र यादव ने 21 नवंबर से अनिश्चितकालीन सत्याग्रह की चेतावनी दी।

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चतरा : चतरा जिला मुख्यालय को इटखोरी एवं राष्ट्रीय राजमार्ग-2 (चौपारण) से जोड़ने वाला लगभग 100 वर्ष पुराना ऐतिहासिक बक्सा पुल आज पूरी तरह जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। पुल की स्थिति इतनी भयावह हो गई है कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। प्रतिदिन हजारों लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर इस पुल से आवागमन करना पड़ रहा है। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से पुल की स्थिति और भी बदतर होती जा रही है। इस गंभीर समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए झारखंड उच्च न्यायालय के अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता योगेन्द्र यादव ने जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार से बक्सा पुल के नवनिर्माण की दिशा में तत्काल ठोस पहल करने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि विडंबना यह है कि विश्व प्रसिद्ध मां भद्रकाली मंदिर, इटखोरी से महज एक किलोमीटर तथा प्रखंड मुख्यालय से लगभग 200 मीटर की दूरी पर स्थित इस पुल की बदहाली किसी से छिपी नहीं है। जिले के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, सांसद एवं विधायक भी प्रतिदिन इसी रास्ते से गुजरते हैं, लेकिन इसके बावजूद पुल की जर्जर स्थिति और आम जनता की परेशानी पर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। योगेन्द्र यादव ने कहा कि जनता की जान से बढ़कर कुछ भी नहीं है। किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय सरकार और जिला प्रशासन को समय रहते पुल के नवनिर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाना चाहिए।

उन्होंने जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार को 15 दिनों का समय देते हुए घोषणा की कि यदि इस अवधि के भीतर बक्सा पुल के नवनिर्माण को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की जाती है, तो वे 21 नवंबर 2026 से बक्सा पुल के समीप अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पुल के नवनिर्माण की मांग पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आम जनता, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों एवं जनप्रतिनिधियों से इस जनहित के मुद्दे पर एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की। योगेन्द्र यादव ने कहा कि यह किसी व्यक्ति विशेष का संघर्ष नहीं, बल्कि हजारों लोगों की जान, सुरक्षा और आवागमन से जुड़ा जनहित का आंदोलन है।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।