

नयी दिल्ली: केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के ‘जल संचय जनभागीदारी’ (जेएसजेबी) और ‘कैच द रेन’ अभियान के तीसरे चरण में छत्तीसगढ़ देश का सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला राज्य बनकर उभरा है। राज्य में करीब 78 हजार जल संरक्षण संरचनाएं पूरी की जा चुकी हैं। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।





बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में नयी दिल्ली में जल शक्ति मंत्रालय के विभागीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के जल संरक्षण मॉडल को प्रस्तुत किया।
जल संचय जनभागीदारी (जेएसजेबी) एक समुदाय आधारित कार्यक्रम है, जिसके तहत ‘जल शक्ति अभियान: कैच द रेन’ पहल के अंतर्गत कम लागत वाली संरचनाओं का निर्माण कर जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा दिया जाता है।
बयान में कहा गया कि ‘कैच द रेन’ सत्र के दौरान उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और पेयजल स्रोतों के संरक्षण को लेकर राज्य की ओर से की गयी पहलों की जानकारी साझा की।
मुख्यमंत्री साय ने देश में जल संरक्षण को मजबूत करने के लिए चार सुझाव दिए। इनमें राज्यों के लिए अलग-अलग ‘कैच द रेन’ परियोजनाएं, बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों के लिए ‘राज्य जल पुरस्कार’, बीआईएसएजी-एन (भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग एवं भू-सूचना विज्ञान संस्थान) के माध्यम से जल संरक्षण संरचनाओं का मानचित्रण और मुख्य सचिवों की अध्यक्षता में तिमाही समीक्षा शामिल हैं।
बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के सामुदायिक भागीदारी वाले मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य ने जेएसजेबी के पहले चरण में चार लाख से अधिक और दूसरे चरण में 24 लाख से अधिक जल संरक्षण संरचनाएं तैयार कीं।
बयान के अनुसार, जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के शीर्ष 10 जिलों में छत्तीसगढ़ के पांच जिले-सूरजपुर, महासमुंद, बालोद, बलौदा बाजार-भाटापारा और कबीरधाम शामिल हैं।
बयान के मुताबिक, केंद्र सरकार ने 31 मई 2027 तक देश में दो करोड़ नयी जल संरक्षण संरचनाएं बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
