RIMS में फेस अटेंडेंस पर जूनियर डॉक्टरों का विरोध, JDA ने डीन को सौंपा पत्र

RIMS में फेस बेस्ड अटेंडेंस व्यवस्था के प्रस्ताव का जूनियर डॉक्टरों ने विरोध किया। JDA ने डीन को पत्र देकर वेतन और स्टाइपेंड को अटेंडेंस से जोड़ने पर सवाल उठाए।

Razi Ahmad
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रांची: राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) में फेस बेस्ड अटेंडेंस व्यवस्था लागू करने के प्रस्ताव को लेकर जूनियर डॉक्टरों ने विरोध जताया है। इसको लेकर जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) ने RIMS के डीन को पत्र सौंपकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।

दरअसल, स्वास्थ्य विभाग की ओर से डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए फेस बेस्ड अटेंडेंस व्यवस्था लागू करने का आदेश जारी किया गया है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत जूनियर रेजिडेंट (JR), सीनियर रेजिडेंट (SR) और असिस्टेंट प्रोफेसर की दिन में दो बार फेस अटेंडेंस दर्ज की जानी है।

वेतन और स्टाइपेंड से अटेंडेंस जोड़ने पर सवाल

JDA ने फेस बेस्ड अटेंडेंस को डॉक्टरों के वेतन और स्टाइपेंड से जोड़ने के प्रस्ताव पर भी सवाल उठाया है। एसोसिएशन का कहना है कि अस्पताल में डॉक्टरों के काम के घंटे, पर्याप्त स्टाफ और जरूरी सुविधाओं जैसी समस्याओं पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।

जूनियर डॉक्टरों के मुताबिक, सिर्फ अटेंडेंस सिस्टम लागू करने से अस्पताल की व्यवस्थाओं से जुड़ी सभी समस्याओं का समाधान नहीं होगा। डॉक्टरों की कार्य परिस्थितियों और अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों को बेहतर करने की जरूरत है।

फिलहाल व्यवस्था रोकने की मांग

JDA ने मांग की है कि फेस बेस्ड अटेंडेंस व्यवस्था को लागू करने से पहले फिलहाल इस प्रस्ताव को रोक दिया जाए और डॉक्टरों की चिंताओं पर चर्चा की जाए।

एसोसिएशन ने कहा है कि अगर उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की गई तो JDA लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से आगे की कार्रवाई पर विचार करेगा।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।