कोलकाता : कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) का अक्टूबर में कोयला उत्पादन सालाना आधार पर 19.3 प्रतिशत बढ़कर 6.72 करोड़ टन हो गया। पिछले साल इसी महीने में कंपनी ने 5.64 करोड़ टन कोयले का उत्पादन किया था। सार्वजनिक क्षेत्र की इस खनन कंपनी ने शेयर बाजार को बताया कि अस्थायी आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर में उसका उठाव 18.7 प्रतिशत बढ़कर 7.03 करोड़ टन हो गया, जो एक साल पहले 5.92 करोड़ टन था।

वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-अक्टूबर अवधि में सीआईएल का उत्पादन सालाना आधार पर 38.55 करोड़ टन से 0.7 प्रतिशत बढ़कर 38.82 करोड़ टन हो गया। इन सात महीनों के दौरान उठाव 9.2 प्रतिशत बढ़कर 45.46 करोड़ टन हो गया। सीआईएल की अनुषंगी कंपनियों में महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) ने अक्टूबर में 2.08 करोड़ टन के साथ सबसे अधिक उत्पादन दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 25.3 प्रतिशत अधिक है। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने 1.43 करोड़ टन का उत्पादन किया, जो 17.4 प्रतिशत की वृद्धि है।

वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) ने सबसे तेज वृद्धि दर्ज की, जिसका उत्पादन 64.7 प्रतिशत बढ़कर 59 लाख टन हो गया। ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) का उत्पादन 27.9 प्रतिशत बढ़कर 46 लाख टन रहा, जबकि सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) का उत्पादन 26.1 प्रतिशत बढ़कर 73 लाख टन हो गया। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) ने 7.1 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 29 लाख टन का उत्पादन किया। नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) एकमात्र ऐसी प्रमुख अनुषंगी कंपनी रही, जिसने गिरावट दर्ज की और उसका उत्पादन 4.3 प्रतिशत घटकर 1.14 करोड़ टन रह गया।
उठाव के मोर्चे पर, डब्ल्यूसीएल ने अक्टूबर में 50.2 प्रतिशत की छलांग के साथ 67 लाख टन का आंकड़ा दर्ज किया, जबकि सीसीएल का उठाव 44.7 प्रतिशत बढ़कर 80 लाख टन हो गया। ईसीएल का उठाव 35.1 प्रतिशत बढ़कर 49 लाख टन हो गया। एमसीएल ने 2.06 करोड़ टन (13.0 प्रतिशत की वृद्धि) और एसईसीएल ने 1.56 करोड़ टन (19.5 प्रतिशत की वृद्धि) की आपूर्ति की। एनसीएल का उठाव 1.1 प्रतिशत घटकर 1.12 करोड़ टन रह गया।
सीआईएल ने एक अलग सूचना में कहा कि सिंगल विंडो मोड एग्नोस्टिक (एसडब्ल्यूएमए) ई-नीलामी के तहत उसने अक्टूबर में 1.29 करोड़ टन कोयले की पेशकश की और 1.18 करोड़ टन यानी पेशकश की गई मात्रा का 91 प्रतिशत आवंटित किया। इस कोयले पर अधिसूचित मूल्य से औसतन 140 प्रतिशत का प्रीमियम मिला। एनसीएल ने अक्टूबर में 283 प्रतिशत का सबसे अधिक प्रीमियम हासिल किया, और उसकी पेशकश की गई 2.1 लाख टन की पूरी मात्रा आवंटित कर दी गई। इसके बाद एनईसी (209 प्रतिशत), एमसीएल (181 प्रतिशत), एसईसीएल (162 प्रतिशत) और ईसीएल (132 प्रतिशत) रहे। बीसीसीएल ने सबसे कम 29 प्रतिशत का प्रीमियम दर्ज किया।


