
RIMS 2 : कांग्रेस प्रवक्ता अख्तर अली ने कहा है कि झारखंड की साढ़े तीन करोड़ जनता के स्वास्थ्य और हक-अधिकारों के साथ खिलवाड़ करना भारतीय जनता पार्टी का चरित्र रहा है। रिम्स-2 जैसे अतिमहत्वाकांक्षी और विश्वस्तरीय अस्पताल के निर्माण कार्य को रोकने के लिए बीजेपी ने जिस प्रकार राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग का सहारा लेकर ओछी राजनीति शुरू की है, वह बेहद शर्मनाक है।
झारखंड सरकार बीजेपी के इस राजनीतिक षड्यंत्र और विकास विरोधी हथकंडों के आगे घुटने नहीं टेकेगी और संवैधानिक संस्थाओं का राजनीतिक दुरुपयोग बीजेपी अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख बौखला गई है। जब जनता ने उन्हें नकार दिया, तो वे राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं के पीछे छिपकर राज्य के विकास को बाधित कर रहे हैं। आयोग की आड़ में विकास कार्य
रुकवाने का यह खेल राज्य की गरीब जनता के साथ धोखा है।
अख्तर अली ने कहा बीजेपी के नेताओं को यह अच्छी तरह समझ लेना चाहिए कि संघीय ढांचे में आयोग के आदेश केवल अनुशंसात्मक होते हैं। झारखंड सरकार जनहित के कार्यों को रोकने के लिए किसी भी ऐसे असंवैधानिक और राजनीतिक रूप से प्रेरित दबाव को मानने के लिए कतई बाध्य नहीं है।
अख्तर अली ने आगे कहा कि एक तरफ बीजेपी आदिवासियों के हितैषी होने का ढोंग करती है, दूसरी तरफ उसी आदिवासी और गरीब आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने वाले रिम्स-2 के निर्माण में रोड़े अटका रही है। बीजेपी चाहती ही नहीं कि झारखंड की जनता को दिल्ली-मुंबई जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं रांची में मिलें।
हर हथकंडा होगा नाकाम चाहे बीजेपी राजभवन का सहारा ले केंद्रीय एजेंसियों का या फिर आयोगों का झारखंड की लोकप्रिय सरकार राज्य के विकास के संकल्प से पीछे नहीं हटेगी। रिम्स-2 का निर्माण कार्य राज्य की जनता की जरूरत है और इसे हर हाल में पूरा किया जाएगा।

