
रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश सचिव सह प्रदेश प्रवक्ता ऋषिकेश सिंह ने भारतीय जनता पार्टी द्वारा जेपीएससी की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम पर लगाए गए आरोपों को निराधार, भ्रामक और राजनीतिक हताशा का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा को युवाओं के भविष्य की नहीं, बल्कि संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को कटघरे में खड़ा कर राजनीतिक लाभ लेने की आदत पड़ चुकी है। बिना किसी ठोस साक्ष्य के जेपीएससी जैसी संवैधानिक संस्था पर आरोप लगाकर लाखों अभ्यर्थियों के बीच भ्रम फैलाया जा रहा है।
ऋषिकेश सिंह ने कहा कि यदि भाजपा के पास कोई प्रमाण है तो उसे प्रेस कॉन्फ्रेंस में कागज लहराने के बजाय सक्षम संवैधानिक या न्यायिक मंच पर प्रस्तुत करे। केवल मीडिया के माध्यम से सनसनी फैलाना युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। क्या भाजपा चाहती है कि हर वह परीक्षा, जिसका परिणाम उसकी इच्छा के अनुरूप न हो, उसे रद्द कर दिया जाए?
उन्होंने कहा कि महागठबंधन सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार बनने के बाद वर्षों से लंबित भर्ती प्रक्रियाओं को गति मिली है। जेपीएससी और जेएसएससी के माध्यम से नियमित परीक्षा आयोजित हो रही हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, प्रशासन, शिक्षक एवं सहायक आचार्य, महिला एवं बाल विकास, कृषि, तकनीकी, ऊर्जा, राजस्व, उत्पाद, पेयजल एवं स्वच्छता सहित विभिन्न विभागों में नियुक्तियां पूरी की गई हैं और प्रक्रिया लगातार जारी हैं।
उन्होंने कहा कि आज झारखंड का युवा आंदोलन नहीं, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटा है। यह सरकार की पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया में युवाओं के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। झारखंड सरकार समयबद्ध और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के लिए प्रतिबद्ध है। यदि किसी को वास्तविक आपत्ति है तो उसके समाधान के लिए विधिसम्मत व्यवस्था उपलब्ध है। लेकिन बिना प्रमाण पूरी चयन प्रक्रिया को कठघरे में खड़ा करना लाखों मेहनती अभ्यर्थियों का अपमान है।
देश में सबसे अधिक पेपर लीक और भर्ती घोटालों की घटनाएं भाजपा शासित राज्यों में सामने आई हैं। ऐसे में भाजपा को झारखंड के युवाओं को गुमराह करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

