
रांची : प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सोनाल शांति ने कहा है कि राजनीतिक शुचिता की बात करने वाले भाजपा नेताओं को अपने कालिख पुते चेहरे को आईने में देखना चाहिए कि किस तरह उनके दल में भ्रष्टाचारियों, बलात्कारियों और हत्या के आरोपियों की फौज भरी पड़ी है। उन्होंने कहा कि शारदा चिट फंड घोटाला, जलापूर्ति योजना से जुड़ी लुई बर्गर स्कैम के आरोपी हेमंत बिस्वा सरमा को असम कैमरे के सामने घूस लेते पकड़े गये सुवेंदु अधिकारी को बंगाल का मुख्यमंत्री बनाकर अपने पीठ थपथपाने वालों को कांग्रेस पर आरोप लगाने का कोई हक नहीं। अरुणाचल प्रदेश के भाजपा मुख्यमंत्री प्रेमा खांडू की संपत्ति सिर्फ 5 वर्षों में 332 करोड़ से बढ़कर 650 करोड़ हो गई। प्रेमा खांडू के कार्यकाल में एक ही जिले में 31 ठेके मुख्यमंत्री के परिवार को ही दिए गए जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने भी टिप्पणी की थी। कुलदीप सेंगर, मनोहर लाल जैसे रत्नों से अपने दल को सुशोभित करने वाले और सैकड़ो महिलाओं के यौन शोषण आरोपी प्रज्वल रेवन्ना को समर्थन देने वाले अपने दामन को स्वच्छ घोषित न करें।
उन्होंने कहा कि आलमगीर आलम के पास से कोई पैसा बरामद नहीं हुआ। उनके आवास या किसी अन्य ठिकाने से भाजपा की ओर से रची गई साजिश का शिकार आलमगीर आलम हुए। जिस आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया उसके समर्थन में गवाहों तक को पेश नहीं किया जा सका। यदि आरोप से ही व्यक्ति अपराधी हो जाता तो वर्तमान गृह मंत्री के संदर्भ में भी भाजपा प्रवक्ता को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए कि उन्हें क्यों तड़ीपार किया गया था। भाजपा के इशारे पर काम करने वाली एजेंसियों की विश्वसनीयता खतरे में है सिर्फ 2019 से 24 के बीच ईडी द्वारा 193 नेताओं पर केस दर्ज किया गया परंतु सजा सिर्फ दो व्यक्तियों को मिली। इससे साफ है कि राजनीतिक विद्बेष के तहत विपक्ष के नेताओं पर मुकदमे दर्ज कर भाजपा के नेता खुद को दूध का धुला हुआ साबित करना चाहते हैं। आलमगीर आलम कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शुमार हैं। उन्हें जमानत मिलने के बाद कांग्रेस के नेता कार्यकर्ता अपनी खुशी जाहिर कर रहे हैं । लेकिन भानु प्रताप शाही और 4000 करोड़ के घोटाले के आरोपी मधु कोड़ा जैसे भ्रष्टाचारियों को पूरे प्रदेश में सम्मान के साथ भाजपा अपना चेहरा बनकर घूमा रही है और आरोप कांग्रेस पर लगा रही है।

