
रांची: केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड के मनातू परिसर में पासपोर्ट सेवाओं को लेकर दो दिवसीय विशेष शिविर का भव्य शुभारंभ किया गया। यह शिविर भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के अधीन क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, रांची द्वारा विश्वविद्यालय प्रशासन के सहयोग से 21 और 22 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जा रहा है।
इस “02 डे पासपोर्ट कैंप” का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सारंग मेढेकर ने फीता काटकर किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विश्वविद्यालय के छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को पासपोर्ट से जुड़ी सभी आवश्यक सेवाएं परिसर में ही उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें बाहर जाकर लंबी प्रक्रिया से न गुजरना पड़े।
शिविर के दौरान पासपोर्ट आवेदन, दस्तावेज सत्यापन, बायोमेट्रिक प्रक्रिया और अन्य औपचारिकताएं एक ही स्थान पर पूरी की जा रही हैं। इससे न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि आवेदन प्रक्रिया भी अधिक सरल और पारदर्शी बन रही है। पहले दिन ही 100 से अधिक आवेदन प्राप्त होने की सूचना है, जो इस पहल के प्रति लोगों की बढ़ती रुचि को दर्शाता है।
ऐसे शिविर केंद्र सरकार की ‘पासपोर्ट सेवा’ को आम लोगों तक पहुंचाने की पहल का हिस्सा हैं, जिसके तहत विश्वविद्यालयों और दूरदराज के क्षेत्रों में कैंप लगाकर सेवाओं को सुलभ बनाया जा रहा है। इसी तरह के कैंप अन्य विश्वविद्यालयों में भी आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों को आसानी से पासपोर्ट सुविधा देना है।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इस तरह के आयोजन से न केवल छात्रों को उच्च शिक्षा, शोध और विदेश में अवसरों के लिए मदद मिलेगी, बल्कि कर्मचारियों और शिक्षकों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भागीदारी के अवसर प्राप्त होंगे। सीयूजे में हाल के दिनों में शैक्षणिक, खेल और शोध गतिविधियों को लेकर लगातार कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं, जिससे विश्वविद्यालय का समग्र विकास और संस्थागत सुविधाओं का विस्तार हो रहा है।
इस पहल को छात्रों और कर्मचारियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में इस तरह के और भी सुविधा शिविर आयोजित किए जाएंगे।

