DAV पुंदाग छात्रा आत्महत्या मामला : पुलिस ने एक आरोपी को किया गिरफ्तार

News Aroma
3 Min Read
#image_title
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

DAV Pundag student suicide case: राजधानी रांची के DAV पुंदाग स्कूल की 12वीं क्लास की स्टूडेंट सृष्टि सिंह की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी का नाम राहत सिंह बताया जा रहा है। इस घटना से पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।

पुलिस ने इस मामले में आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी, जिन पर छात्रा को आत्महत्या के लिए उकसाने और प्रताड़ित करने के आरोप हैं।

मामले की पूरी जानकारी

शनिवार रात सृष्टि सिंह ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। अगले दिन, रविवार सुबह, उसका शव घर के कमरे में मिला।

इस घटना के बाद परिवार ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी लंबे समय से मानसिक और भावनात्मक रूप से प्रताड़ित की जा रही थी, जिसके कारण उसने यह कठोर कदम उठाया।

आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज

सृष्टि सिंह के पिता अमरेंद्र सिंह ने रविवार को अरगोड़ा थाने में FIR दर्ज कराई। इस प्राथमिकी में कुल आठ आरोपियों के नाम शामिल हैं: राहत कुमार सिंह ,पिंटू सिंहसा, निया सिंह, संदीप सिंह, रीना देवी, धर्मेंद्र सिंह, नूतन सिंह, विक्रम सिंह

परिवार का आरोप है कि राहत कुमार सिंह बीते पांच वर्षों से सृष्टि का शोषण कर रहा था। वह उसे धमकाता था कि उसके पिता एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं और उसके मामा क्षेत्र के मुखिया हैं, इसलिए कोई भी उसे कुछ नहीं बिगाड़ सकता।

आखिरी रात की घटनाएं

परिजनों के अनुसार, शनिवार की रात सृष्टि को राहत और सानिया द्वारा कई बार फोन और मैसेज कर धमकाया गया। यह मानसिक प्रताड़ना इतनी बढ़ गई कि वह तनाव में आ गई और आत्महत्या कर ली।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

पुलिस ने FIR दर्ज करने के बाद आरोपी राहत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। इस घटना की गहराई से जांच की जा रही है, और पुलिस पीड़िता के फोन रिकॉर्ड और मैसेज की तकनीकी जांच कर रही है ताकि आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा सकें।

समाज में आक्रोश, न्याय की मांग

इस दर्दनाक घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय लोगों और छात्रा के स्कूल के सहपाठियों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिवार का कहना है कि उनकी बेटी के साथ अन्याय हुआ है और वे आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए लड़ाई लड़ेंगे।

Share This Article