डीडीए ने दिल्ली के कायाकल्प के लिए आठ सूत्री विकास रूपरेखा तैयार की

डीडीए ने दिल्ली को हरित, टिकाऊ और रहने योग्य शहर बनाने के लिए आठ सूत्री विकास योजना तैयार की है, जिसमें किफायती आवास, यातायात, पर्यावरण और विरासत संरक्षण पर विशेष जोर रहेगा।

Razi Ahmad
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Delhi Development Authority : दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) राष्ट्रीय राजधानी को हरित शहर में बदलने के लिए आठ सूत्री विकास कार्यक्रम पर काम कर रहा है, जिसमें किफायती आवास, गतिशीलता, पर्यावरण और विरासत संरक्षण पर ध्यान केंद्रित किया गया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में हाल में हुई डीडीए की सलाहकार परिषद की बैठक में इस रूपरेखा पर चर्चा की गई, जिसमें किफायती आवास की मांग और आपूर्ति में अंतर, झुग्गी बस्तियों के बढ़ने और संबंधित लोगों के पुनर्वास व स्थानांतरण के साथ-साथ अनधिकृत कॉलोनियों के काफी समय से लंबित नियमितीकरण और पुनर्विकास की समीक्षा की गई।

इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि परिषद ने टिकाऊ, हरित और रहने योग्य दिल्ली बनाने के लिए चार-स्तंभों वाली रूपरेखा को मंजूर किया, जिसमें उपराज्यपाल ने आवास, यातायात, पर्यावरण और विरासत के योजनाबद्ध विकास पर जोर दिया।

बैठक के दौरान यातायात जाम, प्रदूषण, शहरी बाढ़, बढ़ता तापमान, मौजूदा क्षेत्रों के पुनर्विकास, ‘लैंड पूलिंग’ में योजनाबद्ध विकास और कम घनत्व वाले क्षेत्रों सहित प्रमुख शहरी चुनौतियों को भी रेखांकित किया गया।

इसे लागू करने के लिए, परिषद को शहर भर में जारी विकास योजनाओं की जानकारी दी गई। इनमें 207 वर्ग किलोमीटर में पारगमन उन्मुख विकास योजना शामिल है, जबकि योजनाबद्ध विस्तार के लिए 200 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र को ‘लैंड पूलिंग क्षेत्र’ के रूप में चिह्नित किया गया है।

विकसित आवासीय क्षेत्र वर्तमान में लगभग 700 वर्ग किलोमीटर में विस्तारित है, जबकि कम घनत्व वाले क्षेत्र 150 वर्ग किलोमीटर में हैं। ज़ोन-ओ में 100 वर्ग किलोमीटर में फैली एक रिवरफ्रंट विकास परियोजना पर भी काम जारी है।

डीडीए द्वारा तैयार की गई योजनाओं के हिस्से के रूप में, पुराने शहर का पुनर्विकास 24 वर्ग किलोमीटर में करने की योजना है, बंगला ज़ोन का दायरा 31 वर्ग किलोमीटर तक विस्तृत है, और मुख्य परिवहन मार्गों के साथ विकास को बढ़ावा देने के लिए 20 वर्ग किलोमीटर के उच्च घनत्व वाले गलियारे की पहचान की गई है।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।