क्या देर तक ऑफिस में रुकना सच में मेहनत है? जानिए 8 घंटे में काम खत्म करने का स्मार्ट तरीका

Manu Shrivastava
2 Min Read
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आज के कॉर्पोरेट दौर में कई लोग देर रात तक ऑफिस में रुककर काम करना अपनी मेहनत और समर्पण की निशानी मानते हैं। लेकिन प्रसिद्ध लेखक और कंप्यूटर साइंटिस्ट केल्विन सी. न्यूपोर्ट के अनुसार, देर तक काम करना हमेशा मेहनत नहीं बल्कि खराब टाइम मैनेजमेंट का संकेत भी हो सकता है। अगर आप समय पर घर जाना चाहते हैं और कम समय में ज्यादा प्रोडक्टिव बनना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपने काम करने के तरीके को समझना जरूरी है।

 

काम को समझें: शैलो वर्क और डीप वर्क

 

शैलो वर्क

 

शैलो वर्क वे काम होते हैं जिनमें ज्यादा सोचने या फोकस की जरूरत नहीं पड़ती। जैसे बार-बार ईमेल चेक करना, लगातार वॉट्सऐप रिप्लाई देना या गैरजरूरी मीटिंग्स में समय बिताना। अक्सर लोग अपने दिन का बड़ा हिस्सा ऐसे ही कामों में निकाल देते हैं।

 

डीप वर्क

 

डीप वर्क वह होता है जिसमें आपका पूरा फोकस और गहरी सोच शामिल होती है। किसी जरूरी प्रोजेक्ट, रिपोर्ट या क्रिएटिव काम पर बिना रुकावट ध्यान देना ही असली उत्पादकता है। यही काम आपकी प्रोफेशनल वैल्यू बढ़ाता है।

 

8 घंटे में काम खत्म करने के 4 स्मार्ट टिप्स

 

टाइम ब्लॉकिंग अपनाएं

 

अपने दिन को अलग-अलग समय खंडों में बांटें। उदाहरण के लिए तय करें कि सुबह 10 से 11:30 बजे तक केवल सबसे जरूरी प्रोजेक्ट पर काम करेंगे और इस दौरान किसी भी तरह का डिस्ट्रैक्शन नहीं लेंगे।

 

ईमेल चेक करने का तय समय रखें

 

हर कुछ मिनट में मेल देखने की आदत छोड़ें। दिन में सिर्फ 2-3 बार तय समय पर ही इनबॉक्स खोलें।

 

‘ना’ कहना सीखें

 

हर मीटिंग या अतिरिक्त काम जरूरी नहीं होता। जहां आपकी जरूरत न हो, वहां विनम्रता से मना करना सीखें।

 

शटडाउन रिचुअल बनाएं

 

काम खत्म होने के बाद लैपटॉप बंद करें और खुद को मानसिक रूप से ऑफिस से अलग करें। इससे वर्क-लाइफ बैलेंस बेहतर होता है।

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