नयी दिल्ली: पुरानी दिल्ली के हौज काजी इलाके में तीन मंजिला इमारत ढहने की घटना में शनिवार को मलबे से एक और मजदूर का शव बरामद किया गया, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गयी है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मृतक की पहचान बिहार के खगड़िया जिले के हनुमान नगर गांव निवासी पंकज शर्मा (40) के रूप में हुई है।

घटनास्थल पर करीब 48 घंटे तक चले अभियान के दौरान अब तक पांच लोगों को मलबे से निकाला जा चुका है। इनमें तीन की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हुए हैं। दोनों घायलों का अस्पताल में उपचार किया गया है और उनकी हालत स्थिर है।
चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास गली सितारा में बृहस्पतिवार सुबह करीब नौ बजकर 45 मिनट पर निर्माणाधीन इमारत ढह गई थी। घटनास्थल पर मलबा हटाने और अन्य लोगों की तलाश का अभियान जारी रहा। मध्य जिला के पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने बताया था कि तीन मंजिला इमारत ढहने के समय निर्माण स्थल पर करीब 10 से 15 मजदूर मौजूद थे।

इससे पहले किशोरी (40) और संजीत (45) नाम के दो मजदूरों को मृत घोषित किया गया था, जबकि साहदेव चौधरी (25) और फिरोज (37) को घायल अवस्था में मलबे से निकाला गया था। स्थानीय लोगों ने भी मलबे से चार लोगों को बाहर निकाला था। आरोप है कि 50 वर्गमीटर के भूखंड पर आवश्यक मंजूरी लिए बिना इमारत का निर्माण कराया जा रहा था। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के एक अधिकारी ने बताया कि इस इमारत का कोई भवन नक्शा स्वीकृत नहीं किया गया था।
नगर निगम के अनुसार, इमारत का निर्माण तीसरी मंजिल तक पहुंच गया था और छत की स्लैब डालने का काम चल रहा था, तभी वह ढह गई। एक अधिकारी ने बताया कि निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री इंजीनियरिंग मानकों के अनुरूप नहीं थी और ठीक से सेट भी नहीं हुई थी। इसी वजह से इमारत ढह गई। दिल्ली पुलिस ने जून में ही इस संपत्ति पर हो रहे अवैध निर्माण को लेकर एमसीडी को आगाह किया था। 15 जून को हौज काजी थाने के एसएचओ ने एमसीडी के सिटी सदर पहाड़गंज जोन को पत्र लिखकर निर्माण कार्य की जानकारी दी थी। इसमें जमीन के मालिक और ठेकेदार के रूप में फरकान की पहचान बताई गई थी। पुलिस ने इमारत के मालिकों और ठेकेदारों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 के तहत गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।


