रांची : क्या दस रुपये के किसी पुराने नोट के लिए सात लाख रुपये से ज्यादा मिल सकते हैं। आप कहेंगे ऐसा कैसे हो सकता है। पर यह सच है। ब्रिटिश काल के एक पुराने नोट के सात लाख रुपये से ज्यादा में नीलाम होने की उम्मीदें लगायी जा रही हैं।

कहा जा रहा है कि क्वीन विक्टोरिया के शासनकाल में भारत के लिए जारी किया गया एक दस रुपये का नोट सात लाख 53 हजार रुपये में नीलाम हो सकता है। इसे आनेवाले दिनों में ब्रिटिश एंड वर्ल्ड बैंक नोट्स ऑक्शन में नीलाम किया जायेगा। जिस नोट की नीलामी होगी उसे 11 मई 1865 को जारी किया गया था।

यह नोट ब्रिटिश शासनकाल के क्वीन विक्टोरिया पोट्रेट सीरिज का हिस्सा है। ऐसे नोट यूनिफेस नोट कहलाते हैं। दरअसल, भारत में जुलाई 1861 के पहले प्राइवेट बैंक संचालित किए जाते थे। ऐसे बैंकों में बैंक ऑफ हिन्दोस्तान, बैंक ऑफ बंगाल और बैंक ऑफ मद्रास के नाम शामिल हैं। लेकिन जुलाई 1861 में इंग्लैंड की सरकार ने पेपर करेंसी बिल पारित कर दिया। उसके बाद से निजी बैंकों के नोट चलन से हटने लगे और बैंक ऑफ इंग्लैंड के तर्ज पर ही भारत में नोट जारी किए जाने लगे।


