नयी दिल्ली : दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने राष्ट्रीय राजधानी में व्यवस्थित पार्किंग ढांचे के विस्तार की अपनी योजना के तहत छह जिलों में 6,052 वाहनों की कुल क्षमता वाली 14 बहुमंजिला पार्किंग परियोजनाओं का प्रस्ताव दिया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। प्रस्तावित परियोजनाएं मध्य, मध्य उत्तर, पश्चिम, उत्तर पूर्व, पूर्व और पुरानी दिल्ली जिलों में फैली हुई हैं। इनमें से पहले चार जिलों में तीन-तीन तथा पूर्व और पुरानी दिल्ली में एक-एक स्थान पर यह सुविधा बनाने की योजना है।
इनमें सबसे बड़ी पार्किंग ईदगाह रोड स्थित नबी करीम में प्रस्तावित है, जिसकी क्षमता 2,142 वाहनों की होगी। इसके अलावा करोल बाग, पीतमपुरा, शालीमार बाग, जनकपुरी और प्रीत विहार जैसे प्रमुख वाणिज्यिक व आवासीय क्षेत्रों में भी ये सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है़ जब शहर के कई हिस्सों, विशेषकर घनी आबादी वाले इलाकों और व्यावसायिक केंद्रों में पार्किंग की उपलब्धता और सड़कों के किनारे जगह का प्रबंधन एक लगातार बनी रहने वाली चुनौती है, जहां सीमित जगह पर वाहन खड़े करने के लिए वाहनों के बीच होड़ रहती है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 14 परियोजनाओं में से पुरानी दिल्ली के बाद मध्य उत्तर जिले में सबसे अधिक पार्किंग स्थान प्रस्तावित हैं, जहां तीन सुविधाओं की कुल क्षमता 1,277 कारों को खड़ा करने की है।

एक अधिकारी ने बताया, “इन परियोजनाओं पर अलग-अलग स्तर पर काम चल रहा है। कई स्थानों के लिए ‘विस्तृत परियोजना रिपोर्ट’ (डीपीआर) तैयार करने के लिए विशेषज्ञों/सलाहकारों को काम सौंपा जा रहा है। वहीं, पीतमपुरा और शालीमार बाग की पार्किंग के लिए ‘मुख्यमंत्री विकास कोष’ से बजट की मांग की गई है।” अधिकारी ने बताया कि नगर निगम ने पार्किंग सुविधाओं के लिए 79 अतिरिक्त स्थानों की पहचान भी की है। इनमें से 47 स्थानों का सर्वेक्षण और नक्शा तैयार करने का काम पूरा हो चुका है, जबकि बाकी 32 स्थानों पर सर्वेक्षण का काम जारी है। इन नए स्थानों के जुड़ने से कुल पार्किंग स्थलों की संख्या बढ़कर 542 होने की उम्मीद है।
प्रस्तावित विस्तार से निगम के मौजूदा नेटवर्क में और बढ़ोतरी होगी। वर्तमान में निगम के तहत 463 पार्किंग स्थल चालू हैं, जिनकी कुल क्षमता 94,831 वाहनों की है।


