चंडीगढ़: नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के परिवार की ओर से सरकार के साथ सहमति जताए जाने के बाद 22 दिन से जारी आंदोलन समाप्त हो गया। इसके बाद झोटा का शव शुक्रवार को पोस्टमार्टम के लिए मानसा से चंडीगढ़ स्थित स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (पीजीआईएमईआर) लाया गया। झोटा का शव तीन सप्ताह से अधिक समय तक मानसा के सरकारी अस्पताल के मुर्दाघर में रखा गया था। बृहस्पतिवार देर रात इसे एंबुलेंस से चंडीगढ़ ले जाया गया।



