जंगल हाउस, शिमला: देवदार के जंगलों के बीच बसी एक शाही विरासत

शिमला की जाखू पहाड़ी पर स्थित 1880 के दशक का ऐतिहासिक जंगल हाउस देवदार के जंगलों, खूबसूरत वास्तुकला, पुरानी लाइब्रेरी और शाही मेहमाननवाजी का अनोखा अनुभव देता है।

Neeral Prakash
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विनीता प्रसाद

हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियों में बसा शिमला सिर्फ अपनी बर्फबारी, पहाड़ों और प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी ऐतिहासिक इमारतों और औपनिवेशिक विरासत के लिए भी जाना जाता है। यहाँ कुछ ऐसी जगहें हैं जहाँ पहुँचकर ऐसा महसूस होता है मानो समय ठहर गया हो। ऐसी ही एक अनोखी जगह है जंगल हाउस (Jungle House), जो शिमला की जाखू पहाड़ी पर समुद्र तल से लगभग 7,700 फीट की ऊँचाई पर स्थित है। देवदार के ऊँचे-ऊँचे पेड़ों से घिरा यह ऐतिहासिक कॉटेज उन लोगों के लिए किसी सपने से कम नहीं, जो शहर की भागदौड़ से दूर प्रकृति और सुकून के कुछ पल बिताना चाहते हैं।

जंगल हाउस का इतिहास 1880 के दशक से जुड़ा हुआ है। उस समय इस कॉटेज का उल्लेख सरकारी नक्शों में मिलता था। अंग्रेजी शासन के दौरान शिमला, जिसे उस समय सिमला कहा जाता था, ब्रिटिश राज की ग्रीष्मकालीन राजधानी हुआ करता था। इस ऐतिहासिक कॉटेज को भरतपुर की राजकुमारी कुसुम ने खरीदा था और वर्ष 1941 से यह उनके परिवार की विरासत बना हुआ है। लंबे समय तक परिवार की निजी संपत्ति रहने के बाद वर्ष 2022 में परिवार के सदस्यों ने इसके एक हिस्से को पर्यटकों के लिए खोलने का फैसला किया, ताकि दूसरे लोग भी इस ऐतिहासिक घर की खूबसूरती और शांति का अनुभव कर सकें।

जंगल हाउस की सबसे खास बात इसकी पारंपरिक वास्तुकला है। इसकी ढलानदार छतें, लंबे बरामदे, ऊँची खिड़कियाँ, लकड़ी के खूबसूरत फर्श और पुराने जमाने की चिमनियाँ इसे एक अलग ही पहचान देते हैं। घर के अंदर प्रवेश करते ही 1930 और 1940 के दशक की झलक दिखाई देती है। उस दौर में लोकप्रिय रहे आर्ट डेको डिजाइन से प्रभावित फर्नीचर और सजावट इस जगह को किसी पुरानी अंग्रेजी फिल्म के खूबसूरत घर जैसा एहसास देते हैं। चारों तरफ फैले देवदार के पेड़ और शांत वातावरण यहाँ ठहरने के अनुभव को और भी खास बना देते हैं।

इस होमस्टे में मेहमानों के ठहरने के लिए दो बड़े और खूबसूरत सुइट्स हैं, जिनके नाम Chelsea और Holly रखे गए हैं। इसके अलावा मेहमान घर के मुख्य लाउंज और एंटरूम में भी समय बिता सकते हैं। यहाँ की विस्तृत लाइब्रेरी उन लोगों के लिए खास आकर्षण है जिन्हें किताबों के साथ समय बिताना पसंद है। कल्पना कीजिए, बाहर ठंडी पहाड़ी हवा चल रही हो, हाथ में गर्म चाय का प्याला हो और आप किसी पुरानी किताब के पन्नों में खोए हों। शायद यही वह सुकून है जिसकी तलाश में लोग पहाड़ों का रुख करते हैं।
शाम के समय घर के बाहर बना खूबसूरत आँगन और फायर पिट मेहमानों के मिलने-जुलने की पसंदीदा जगह बन जाता है। ठंडी हवा के बीच जलती आग के पास बैठकर बातचीत करना और खुले मैदान में क्रोकेट जैसे पारंपरिक खेल का आनंद लेना इस अनुभव को यादगार बना देता है। चूँकि यह संपत्ति एक पुराने देवदार के जंगल के बीच स्थित है, इसलिए यहाँ गाइड के साथ देवदार और ओक के पेड़ों के बीच प्रकृति की सैर भी कराई जाती है। यह उन लोगों के लिए एक शानदार अनुभव है जो प्रकृति को करीब से महसूस करना चाहते हैं।

अगर आपको ट्रेकिंग पसंद है, तो जंगल हाउस से जाखू मंदिर तक की यात्रा भी कर सकते हैं। वहीं इस होमस्टे की सबसे अनोखी पेशकशों में से एक है शिमला की सबसे ऊँची चोटी पर पिकनिक ब्रेकफास्ट। सुबह-सुबह पहाड़ों के खूबसूरत नजारों के बीच नाश्ता करना निश्चित रूप से एक ऐसा अनुभव होगा जिसे लंबे समय तक याद रखा जा सकता है। इतिहास में रुचि रखने वाले पर्यटकों के लिए विशेषज्ञ गाइड के साथ शिमला की हेरिटेज वॉक भी आयोजित की जाती है, जिसमें ब्रिटिश राज के समय की इमारतों, जीवनशैली और ऐतिहासिक घटनाओं की दिलचस्प कहानियाँ सुनने को मिलती हैं।

जंगल हाउस के आसपास घूमने के लिए भी कई खूबसूरत जगहें हैं। शिमला से कुछ दूरी पर स्थित नालदेहरा गोल्फ कोर्स एक शानदार पर्यटन स्थल है। इसकी स्थापना वर्ष 1905 में वायसराय लॉर्ड कर्जन के समय हुई थी और इसे भारत के सबसे पुराने गोल्फ कोर्स में गिना जाता है। इसके अलावा आप कुफरी की खूबसूरत वादियों और तत्तापानी के गर्म पानी के प्राकृतिक झरनों की सैर भी कर सकते हैं। इस तरह जंगल हाउस में ठहरकर आप प्रकृति, इतिहास और रोमांच का एक साथ आनंद ले सकते हैं।
इस खूबसूरत होमस्टे में दो लोगों के ठहरने का शुरुआती किराया लगभग ₹25,000 प्रति रात बताया गया है। यह उन लोगों के लिए एक खास विकल्प हो सकता है जो सामान्य होटल के बजाय किसी ऐतिहासिक और विरासत से जुड़े घर में ठहरने का अनुभव चाहते हैं। हालाँकि, बुकिंग से पहले मौजूदा किराये, उपलब्धता और शामिल सुविधाओं की जानकारी सीधे संपत्ति प्रबंधन से अवश्य प्राप्त करनी चाहिए।

आज जब पहाड़ों पर पर्यटन अक्सर भीड़भाड़ वाले बाजारों और लोकप्रिय सेल्फी पॉइंट तक सीमित होता जा रहा है, ऐसे में जंगल हाउस जैसी जगहें हमें यात्रा का एक अलग अर्थ समझाती हैं। यहाँ आप सिर्फ घूमने नहीं आते, बल्कि कुछ समय के लिए इतिहास का हिस्सा बन जाते हैं। देवदार के पेड़ों के बीच सुबह की शुरुआत करना, पुरानी लाइब्रेरी में किताबें पढ़ना, शाम को आग के पास बैठना और पहाड़ों की खामोशी को महसूस करना अपने आप में एक खूबसूरत अनुभव है।

कभी-कभी सबसे खूबसूरत यात्रा वह नहीं होती जिसमें हम बहुत सारी जगहें देखते हैं, बल्कि वह होती है जिसमें हम किसी एक खूबसूरत जगह पर ठहरकर खुद को थोड़ा समय देते हैं। शिमला का जंगल हाउस शायद इसी एहसास का एक खूबसूरत नाम है।

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नीरल प्रकाश के पास पत्रकारिता में 2 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने एंकरिंग, रिपोर्टिंग और स्क्रिप्ट राइटिंग में काम किया है। पिछले 2 सालों से वे IDTV इंद्रधनुष के साथ काम कर रही हैं, जहां उन्होंने ऑन-एयर प्रस्तुतिकरण के साथ-साथ बैकएंड कंटेंट क्रिएशन में भी योगदान दिया। समाचार रिपोर्टिंग के अलावा, उन्होंने आकर्षक स्क्रिप्ट तैयार करने और कहानी को पेश करने का अनुभव भी प्राप्त किया है।