नवेंदु उन्मेष

प्रसिद्ध उद्योगपति और पत्रकार रविंद्र किशोर सिंह उर्फ आरके सिन्हा ने अपने पत्रकारिता की यात्रा रांची एक्सप्रेस से शुरू की थी। यह बात उन्होंने एक मुलाकात में मुझे कही थी। उन्होंने बताया था कि वे 1971 – 72 में तत्कालीन पलामू जिले के गढवा अनुमंडल में निवास करते थे। उन्हीं दिनों वे रांची एक्सप्रेस के गढवा संवादाता बने। तब वह नियमित रूप से गढ़वा की खबरें रांची एक्सप्रेस को भेजा करते थे। आरके सिन्हा की शादी रांची के प्रसिद्ध अधिवक्ता नंदू बाबू वकील की बेटी के साथ हुई थी।

यही कारण था कि अकसर उनका रांची आना-जाना लगा रहता था। 2017 में देशप्राण अखबार का पुन: प्रकाशन रांची से शुरू हुआ तो इसका प्रबंधन उन्होंने अपने हाथों में ले लिया। बाद के दिनों में उन्होंने देशप्राण का प्रकाशन पटना से भी शुरू किया। तब मैं भी पुन: देशप्राण के संपादकीय विभाग में कार्यरत था। देखा कि वे अक्सर देशप्राण के कार्यालय में आया – जाया करते थे। एक बार तो उनके साथ प्रसिद्ध पत्रकार राम बहादुर राय भी देशप्राण के कार्यालय में आए थे। तब आरके सिन्हा हिंदुस्तान समाचार के भी अध्यक्ष थे। उनके निधन से उद्योग जगत के साथ-साथ पत्रकारिता जगत को भी गहरा सदमा लगा है। राजनीतिक विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ थी। किसी भी सामयिक प्रसंग पर तत्काल लिखकर समाचार पत्रों को उपलब्ध करा देते थे।
लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं।


