चंदा सिंह

बिहार के वरिष्ठ भाजपा नेता, पूर्व राज्यसभा सांसद और विश्व प्रसिद्ध सुरक्षा कंपनी सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस सर्विसेज (एसआईएस) के संस्थापक रविन्द्र किशोर सिन्हा का निधन एक बड़े और प्रेरणादायक सफर का अंत है। 30 अक्टूबर 2026 का दिन देश की राजनीति, उद्योग, पत्रकारिता और समाज से जुड़े लोगों के लिए बेहद दुखद रहा। खासकर उनके निधन की खबर से पूरे बिहार में शोक की लहर दौड़ गई। बिहार में उनके एसआईएस कार्यालय, भाजपा कार्यालय और पटना स्थित उनके अन्नपूर्णा भवन में सन्नाटा छा गया। उनके निधन से आम लोगों से लेकर बड़े-बड़े लोगों तक की आंखें नम हो गईं। हर किसी को उनकी कमी महसूस होने लगी।

उन्होंने हजारों बेरोजगार लोगों को काम दिया, जरूरतमंदों की मदद की, गरीबों का सहारा बने और न जाने कितनी बेटियों की शादी कराने में मदद की। उनके ऐसे कई काम हैं, जिनकी वजह से आज लोग उन्हें याद कर रहे हैं। उन्होंने बहुत से लोगों की जिंदगी में खुशियां लाने का काम किया। उनकी बड़ी उपलब्धियों से अलग हटकर जब उनसे जुड़ी छोटी-छोटी बातें याद करते हैं, तो पता चलता है कि वे बड़े और छोटे, हर व्यक्ति को बराबर सम्मान देते थे। उन्हें अपने पुराने साथियों और कर्मचारियों से खास लगाव था।
फूर्सत के क्षण में लाेगाें के साथ बात करना और एक ही टेबल पर खाना खाना यह उनकी भावुकता काे प्रदर्शित करता था। काम करने वालाें काे प्राेत्साहित करना और भूल करने वालाें काे विनम्र स्वभाव से समझाना, कर्मचारियाें के नाम के बाद उनका जी लगाकर बाेलना कही न कही उनके सरल स्वभाव काे और निखारता था।
बिहार के भोजपुर जिले के बहियारा गांव से निकलकर उन्होंने पत्रकारिता से अपने जीवन की शुरुआत की। संघर्ष करते हुए उन्होंने एसआईएस जैसी बड़ी कंपनी खड़ी की। उनका जीवन हमें सिखाता है कि इंसान चाहे कितने भी बड़े पद पर पहुंच जाए, उसकी असली पहचान उसका अच्छा व्यवहार और सरल स्वभाव ही होता है। आज उनके निधन से बिहार के हर वर्ग के लोग दुखी हैं। उनके जाने से जो खालीपन आया है, उसे भरना आसान नहीं होगा लेकिन, उनके अच्छे काम और लोगों के प्रति उनका प्यार हमेशा याद किया जाएगा। मेरी ओर से उन्हें शत-शत नमन। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें ।


