नयी दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता ‘राजनीतिक सुविधा’ का विषय नहीं है और इसी के साथ उसने प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत को निशाना बनाकर सोशल मीडिया पर की गयी एक पोस्ट को लेकर केरलम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के सभी पदाधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी किया।

न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने कहा कि संविधान सर्वोच्च है और कोई भी व्यक्ति या राजनीतिक संगठन इससे ऊपर नहीं है।



