दिल्ली हाईकोर्ट ने सिसोदिया मानहानि मामले में BJP के हरीश खुराना के खिलाफ कार्यवाही पर लगाई रोक

News Desk
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नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने शुक्रवार को दिल्ली (Delhi) के उप CM मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) द्वारा दायर मानहानि के मामले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता और मीडिया प्रभारी हरीश खुराना के खिलाफ निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगा दी। खुराना स्टे की मांग को लेकर कोर्ट पहुंचे थे।

5 जनवरी को उच्च न्यायालय ने सिसोदिया द्वारा BJP नेताओं मनजिंदर सिंह सिरसा (Manjinder Singh Sirsa) और हंस राज हंस के खिलाफ दायर मानहानि मामले में निचली अदालत के समक्ष कार्यवाही पर रोक लगा दी थी।

दिल्ली हाईकोर्ट ने सिसोदिया मानहानि मामले में BJP के हरीश खुराना के खिलाफ कार्यवाही पर लगाई रोक- Delhi HC stays proceedings against BJP's Harish Khurana in Sisodia defamation case

सिसोदिया ने इन BJP नेताओं पर मुकदमा दायर किया

सिसोदिया ने सिरसा, हंस, मनोज तिवारी और विजेंद्र गुप्ता सहित अन्य BJP नेताओं पर मुकदमा दायर किया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें दिल्ली के सरकारी स्कूलों में नई कक्षाओं के निर्माण से संबंधित लगभग 2,000 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार (Corruption) धोखाधड़ी में फंसाया गया था।

दिल्ली हाईकोर्ट ने सिसोदिया मानहानि मामले में BJP के हरीश खुराना के खिलाफ कार्यवाही पर लगाई रोक- Delhi HC stays proceedings against BJP's Harish Khurana in Sisodia defamation case

अदालत ने सिरसा और हंस के मामले को 10 मार्च को सूचीबद्ध किया

जस्टिस दिनेश कुमार शर्मा (Justice Dinesh Kumar Sharma) ने ट्रायल कोर्ट के 28 नवंबर, 2019 के समन आदेश का विरोध करने वाली दो BJP नेताओं की याचिकाओं पर भी नोटिस जारी किया था।

अदालत ने सिरसा और हंस के मामले को अगली सुनवाई के लिए 10 मार्च को सूचीबद्ध किया।

दिसंबर 2022 में निचली अदालत (Lower Court) ने BJP नेताओं द्वारा इसी मामले में आरोप मुक्त करने के अनुरोध को खारिज कर दिया था।

दिल्ली हाईकोर्ट ने सिसोदिया मानहानि मामले में BJP के हरीश खुराना के खिलाफ कार्यवाही पर लगाई रोक- Delhi HC stays proceedings against BJP's Harish Khurana in Sisodia defamation case

कोर्ट ने सिसोदिया को नोटिस जारी किया

BJP नेताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता पवन नारंग और कीर्ति उप्पल ने कहा कि समन किए गए व्यक्तियों में से एक विजेंद्र गुप्ता ने उसी समन आदेश के जवाब में राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के समक्ष याचिका दायर की थी।

शीर्ष अदालत के फैसले के आलोक में KI गुप्ता का ट्वीट (Tweet) मानहानि का गठन नहीं करता है। उन्होंने कहा, हंस और सिरसा के खिलाफ मामले पर भी विचार और विश्लेषण की आवश्यकता है।

कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ताओं की सुनवाई के बाद सिसोदिया को नोटिस जारी किया था।

सिसोदिया ने 2019 में BJP के छह नेताओं पर मानहानि का मुकदमा किया था।

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