नयी दिल्ली : दिल्ली उच्च न्यायालय ने ‘मिर्जापुर: द मूवी’ के निर्माताओं को महाराणा प्रताप को श्रद्धांजलि देने वाले एक गीत का कथित तौर पर लड़ाई के दृश्य में पृष्ठभूमि संगीत के रूप में अनुचित इस्तेमाल किए जाने के मामले में सेना कल्याण कोष में 50,000 रुपये दान करने का निर्देश दिया है।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव सांबरे और न्यायमूर्ति संजय शर्मा की पीठ ने गीत के इस्तेमाल को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई बंद कर दी। हालांकि, अदालत ने कहा कि यदि निर्धारित समय के भीतर दान नहीं किया गया, तो जुर्माने के मुद्दे पर मामले पर दोबारा सुनवाई की जाएगी।
अदालत ने 13 अक्टूबर को दिए आदेश में कहा कि ‘शूरवीर’ गीत को हटा दिया गया है और 17 सितंबर से इसे फिल्म में नहीं बजाया जा रहा है। आदेश में कहा गया, ‘‘प्रतिवादी संख्या तीन (एक्सेल एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड) के वकील ने कहा कि सेना कल्याण कोष में स्वेच्छा से 50,000 रुपये की राशि एक सप्ताह के भीतर दान की जाएगी और इस संबंध में रसीद अदालत के रिकॉर्ड पर पेश की जाएगी।’’
उच्च न्यायालय ने 17 सितंबर को कहा था कि ‘मिर्जापुर: द मूवी’ में लड़ाई के एक दृश्य के लिए ‘शूरवीर’ गीत का पृष्ठभूमि संगीत के रूप में इस्तेमाल करना उचित नहीं है।


