देवघर में साइबर ठगी का बड़ा खेल उजागर, फर्जी कस्टमर केयर बनकर लोगों को ठगने वाले 10 गिरफ्तार

देवघर में साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा, फर्जी कस्टमर केयर और बैंक अधिकारी बनकर लोगों को ठगने वाले 10 आरोपी गिरफ्तार, 22 मोबाइल और 19 सिम बरामद।

Razi Ahmad
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देवघर: देवघर साइबर पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी फर्जी कस्टमर केयर प्रतिनिधि और बैंक अधिकारी बनकर लोगों को अलग-अलग तरीकों से ठगी का शिकार बनाते थे।

एसपी प्रवीण पुष्कर के निर्देश पर साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर डीएसपी कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में गुरुवार 20 अगस्त को पथरड्डा ओपी क्षेत्र में छापेमारी की गई। गुप्त सूचना के आधार पर हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने 10 आरोपियों को पकड़ा।

पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को Flipkart, Amazon Pay, Google Pay, PhonePe और Airtel Payment Bank का कस्टमर केयर या अधिकारी बताकर लोगों से संपर्क करते थे। इसके बाद कैशबैक, कार्ड बंद होने या दोबारा चालू कराने जैसे बहाने बनाकर लोगों से ठगी की जाती थी।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी PM Kisan Yojana, बिजली बिल और RTO चालान के नाम पर APK फाइल भेजकर लोगों के मोबाइल का एक्सेस लेने की कोशिश करते थे। इसके बाद मोबाइल में मौजूद जानकारी और बैंकिंग डिटेल का इस्तेमाल कर साइबर ठगी की जाती थी।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 22 मोबाइल फोन और 19 सिम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, बरामद मोबाइल और सिम की तकनीकी जांच में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। आरोपियों के मोबाइल नंबर और IMEI नंबर के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज होने की बात भी सामने आई है।

गिरफ्तार आरोपियों में लोबिन दास, बबलू कुमार दास, झूलन दास, अजय कुमार दास, राहुल, सफाउला अंसारी, अजीत दास, रमेश कुमार दास, आशीष दास और सिंटू कुमार दास शामिल हैं। सभी देवघर जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के रहने वाले हैं।

पुलिस के अनुसार, अजय कुमार दास और रमेश कुमार दास का पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है। दोनों के खिलाफ क्रमशः साइबर थाना कांड संख्या 103/21 और 67/21 में मामले दर्ज हैं।

पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और ठगी की रकम किन-किन खातों में भेजी जाती थी।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।