रांची : प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा है कि एमएमडीआर संशोधन विधेयक के माध्यम से राज्यों को खनिजों पर सेस वसूलने के अधिकार समाप्त करने के केंद्र सरकार के फरमान के विरोध में 27 अगस्त से कांग्रेस राज्यव्यापी आंदोलन करेगी। इस क्रम में 27 अगस्त को जिला मुख्यालय में एकदिवसीय धरना दिया जाएगा तथा महामहिम राष्ट्रपति के नाम मांगों के समर्थन में ज्ञापन सौंपा जाएगा 7 सितंबर को राज्य स्तरीय धरना लोक भवन के समक्ष दिया जाएगा एवं 9 से 16 सितंबर के बीच सभी प्रखंड मुख्यालय में धरना दिया जाएगा। आगामी कार्यक्रमों की घोषणा 16 सितंबर के बाद प्रखंड स्तरीय धरना समाप्त होने के बाद की जाएगी।

उन्होंने कहा कि एमएमडीआर संशोधन विधयेक से होने वाले झारखंड को नुकसान और राम मंदिर में चंदा चोरी प्रकरण को प्रखंड स्तर तक ले जाकर जनता को भारतीय जनता पार्टी की सच्चाई बताई जाएगी 2024 25 में खनिज से झारखंड को 1380 करोड़ तथा 25 26 में 7487.91 करोड़ मिला था, इससे कई योजनाओं की प्रगति में राज्य को वित्तीय सहायता मिली थी। खनिजों पर सेस हटाने से कई जनकल्याणकारी योजनाओं पर प्रभाव पड़ेगा स्वास्थ्य शिक्षा आवास पेंशन मैया सम्मान जैसी योजनाएं प्रभावित होगी हमारी सरकार भी इस पर गंभीर है, केंद्र झारखंड के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है झारखंड के हितों के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश केंद्र सरकार कर रही है।
वहीं, सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि जमीन खनिज झारखंड का है प्रदूषण और विस्थापन का दर्द झारखंड के लोग झेलें लेकिन निर्देश केंद्र देगा यह किसी भी कीमत पर नहीं चलेगा। हमारा सवाल है कि शेष लगाने का अधिकार सुप्रीम कोर्ट ने दिया था क्या मोदी सरकार उसे भी ऊपर है जो शेष लगाने के अधिकार को रोक रही है राज्यों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है, केंद्र राज्यों पर अपना तानाशाही निर्णय थोप रही है। इससे हास्यास्पद स्थिति नहीं हो सकती है कि भाजपा के नेता वोट यहां के लोगों का लेकर सांसद बनते हैं लेकिन गुणगान अपने दिल्ली के आकाओं का करते हैं झारखंडी हितों से उन्हें कोई चिंता लगाव नहीं है। केंद्र सरकार कल्याणकारी राज्य की अवधारणा की जगह लाभ हानि की सरकार चलाना चाहती है ग्रॉसरी दुकान की तरह मुनाफा कमाना चाहती है यही। सवाल बनता है कि क्या यही संघवाद का चरित्र है। राज्य में सेस यहां के करोड़ों लोगों के कल्याण के लिए लगाया गया था मईंया सम्मान अबुआ आवास जैसी योजनाओं पर प्रहार है, कर राज्य का अधिकार है जिस पर केंद्र सरकार द्वारा नकेल कसा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पहले खनन की सीमा 10 किलोमीटर चैती लेकिन केंद्र ने इसे बढ़ाकर असीमित कर दिया है। इससे विस्थापन की समस्या बढ़ेगी केंद्र सरकार विस्थापन को बढ़ावा देना चाहती है। 14656 करोड़ का सालाना नुकसान का अंदेशा इस विधेयक में संशोधन के बाद झारखंड को है हम संघर्ष करना जानते हैं संघर्ष करेंगे और इस पूरे मुद्दे पर भाजपा की चुप्पी को बेनकाब करेंगे। किस तरह राज्य की जनता के हितों के साथ खिलवाड़ करने वाले निर्णय के साथ भाजपा के सांसद केंद्र में खड़े रहते हैं।
राम मंदिर चंदा चोरी पर उन्होंने कहा कि चंदा चोरी आम जनता की आस्था और भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।”भाजपा का गोरख धंधा खा गए राम मंदिर का चंदा।” जनता के चंदा चोरी की जांच सीबीआई की जगह सीट से कर रहे हैं और गैर भाजपा शासित राज्यों में हर प्रकरण की जांच सीबीआई से चाहते हैं संपत राय जैसे लोगों को क्लीन चिट देना यह साफ दिखता है कि भाजपा चंदा चोरी में शामिल है। राम मंदिर बनाने का क्रेडिट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लेते हैं लेकिन चंदा चोरी की जिम्मेदारी से भागते हैं।
संवाददाता सम्मेलन में मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा, प्रवक्ता सोनाल शांति और उज्जवल प्रकाश तिवारी उपस्थित थे।


