
धनबाद: केंदुआडीह क्षेत्र में बुधवार सुबह अचानक हुए भू-धंसान और गैस रिसाव ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। धनबाद–बोकारो मुख्य मार्ग के बीच सड़क धंसने से यातायात पूरी तरह रुक गया। बताया जा रहा है कि ओल्ड जीएम बंगला के पास सड़क में अचानक दरारें पड़ीं और देखते ही देखते करीब 2 फीट तक जमीन नीचे बैठ गई। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन आसपास के लोगों में डर साफ देखा जा सकता है। स्थानीय लोग इसे लंबे समय से चली आ रही समस्या का नतीजा बता रहे हैं और भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) पर लापरवाही के आरोप लगा रहे हैं।
रूट डायवर्ट होने ने बढ़ी लोगों की परेशानी
सड़क धंसते ही प्रशासन हरकत में आ गया और तुरंत पूरे रास्ते को बंद कर दिया गया। मौके पर CISF और BCCL की टीमें पहुंचीं और सुरक्षा व्यवस्था संभाली। किसी अनहोनी से बचने के लिए दोनों ओर बैरिकेडिंग कर दी गई है। हालात को देखते हुए धनबाद-बोकारो रूट को डायवर्ट करना पड़ा, जिससे लोगों को अब दूसरे रास्तों से गुजरना पड़ रहा है। पुलिस ने भी साफ कहा है कि लोग प्रभावित इलाके से दूर रहें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
इलाके के लोगों का कहना है कि यह हादसा अचानक नहीं हुआ। उनके मुताबिक, पिछले कई महीनों से जमीन कमजोर हो रही थी और जहरीली गैस का रिसाव भी जारी था। लेकिन इस पर समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। कई घरों में दरारें पड़ चुकी हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल है। स्थानीय निवासी मोनू पाठक, शैलेश पांडे, राम अवतार सिंह और बिरेंद्र तुरी ने BCCL पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अगर पहले ध्यान दिया जाता, तो शायद यह स्थिति नहीं बनती।
घटना के बाद लोगों में नाराजगी
प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि भूमिगत खनन गतिविधियों की वजह से यह भू-धंसान हुआ, हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद लोगों में नाराजगी है और वे स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसे खतरे के बीच रहना अब मुश्किल हो गया है। प्रभावित परिवारों ने सरकार से मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार की मांग की है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि पूरे मामले की जांच होगी और जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

