चेन्नई: राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता धनुष के तमिलनाडु की राजनीति में उतरने की अटकलें उनसे जुड़े एक संगठन का नाम बदले जाने के बाद तेज हो गई हैं। सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने धनुष की संभावित राजनीतिक चुनौती को कमतर दर्शाने की कोशिश की है, जबकि कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इसके पीछे भाजपा की गुप्त रणनीति है, जिसे ‘ऑपरेशन डी’ नाम दिया गया है। चेन्नई के बाहरी इलाके में धनुष की ओर से महिला प्रकोष्ठ की एक बड़ी बैठक आयोजित किए जाने के बाद राजनीतिक सरगर्मियां और बढ़ गईं। बैठक में हजारों पदाधिकारी शामिल हुए। इस दौरान अभिनेता ने उपस्थित लोगों को कमल के निशान की आकृति वाली चांदी के पारंपरिक ‘कामाक्षी’ दीपक भेंट किए। उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों ने इसे खासतौर पर मुद्दा बनाया है।

सत्तारूढ़ टीवीके ने अभिनेता की संभावित चुनावी ताकत को खारिज करने के लिए बयानबाजी तेज कर दी है। टीवीके के महासचिव आधव अर्जुन ने इस घटनाक्रम पर सीधे निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राजनीति में नए प्रवेश करने वालों को दिल्ली में बैठे शीर्ष नेतृत्व का समर्थन हासिल है और उन्हें वहीं से भेजा जा रहा है। टीवीके नेता एन. मैरी विल्सन ने जोर देकर कहा कि धनुष कभी मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के वास्तविक प्रतिद्वंद्वी नहीं बन सकते। वित्त मंत्री विल्सन ने चेतावनी दी कि किसी अन्य फिल्मी सितारे पर भरोसा करने से राज्य में वास्तविक राजनीतिक बदलाव आने के बजाय जनता को केवल ‘निराशा’ हाथ लगेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विजय का आंदोलन दशकों की जमीनी मेहनत के बाद एक विशिष्ट स्थिति में पहुंचा है।
इस राजनीतिक चर्चा की गूंज अब अन्य प्रमुख राजनीतिक खेमों तक भी पहुंच गई है। तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (टीएनसीसी) के अध्यक्ष बी. मणिक्कम टैगोर ने दावा किया कि धनुष के संगठन में अचानक किए गए बदलाव और उनकी गतिविधियों में आई तेजी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की गुप्त रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने इसे ‘ऑपरेशन डी’ या ‘प्लान सी’ नाम दिया। अभिनेता धनुष के राजनीति में संभावित प्रवेश से जुड़ी खबरों के बारे में पूछे जाने पर टैगोर ने यहां संवाददाताओं से बात करते हुए इसे दिल्ली में भाजपा के नेतृत्व से सीधे तौर पर जोड़ा। उन्होंने कहा, ‘‘ये सभी वैचारिक रूप से केवल एक ही विचारधारा की ओर झुके हुए हैं और वह है अमित शाह की विचारधारा।’’
उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस तमिलनाडु की राजनीति में एक नए अभिनेता को उतारने के लिए ‘प्लान सी’ या ‘ऑपरेशन डी’ चला रहे हैं। उनके मुताबिक, अन्य फिल्मी सितारों के साथ पार्टी बनाने की कोशिशें नाकाम रहने के बाद अब राजनीतिक उथल-पुथल पैदा करने और खास मतदाता समूहों को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है। टैगोर के अनुसार, रजनीकांत जैसे फिल्मी सितारों के जरिए तमिलनाडु में मजबूत आधार बनाने में नाकाम रहने के बाद भाजपा अब एक लोकप्रिय और स्थापित अभिनेता के प्रशंसक आधार को अपने पक्ष में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रही है। उनका आरोप है कि इसके जरिए अभिनेता को अप्रत्यक्ष रूप से अपनी विचारधारा के साथ जोड़कर राज्य में चुनावी प्रभाव बढ़ाने की योजना है।
धनुष ने अपने समर्थकों और प्रशंसकों की हालिया बैठक में राजनीति में प्रवेश को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की। हालांकि, विभिन्न प्रमुख राजनीतिक दलों की ओर से तुरंत और समन्वित तरीके से आई प्रतिक्रियाओं से संकेत मिलता है कि उनके संगठन की गतिविधियों को पहले से ही चुनावी राजनीति के नजरिये से देखा जा रहा है। धनुष कल्याण आंदोलन की बैठक रविवार को यहां थोरोइपक्कम स्थित एक निजी कॉलेज में हुई। पहले इस संगठन का नाम धनुष नर्पनी मंद्रम था। बैठक में करीब 3,000 सदस्य शामिल हुए। धनुष की टीम ने कार्यक्रम का 49 सेकंड का एक वीडियो जारी किया, जिसमें अभिनेता अपने संगठन की महिला पदाधिकारियों से बातचीत करते दिख रहे हैं। इन पदाधिकारियों ने उनका उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
अभिनेता ने कार्यक्रम में करीब चार घंटे बिताए और वहां उपस्थित लोगों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं। मंच की पृष्ठभूमि में धनुष की ऐसी वेशभूषा और मुद्राओं वाली तस्वीरें लगाई गई थीं, जो अक्सर राजनीतिक नेताओं से जुड़ी होती हैं। इनमें पारंपरिक धोती और कमीज पहने उनकी तस्वीरें तथा हाथ हिलाकर या हाथ जोड़कर अभिवादन करने के दृश्य शामिल थे। इससे राजनीतिक हलकों में अटकलें तेज हो गईं कि क्या वह अपनी राजनीतिक पार्टी शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। इन तस्वीरों की शैली राजनीतिक दल शुरू करने की आधिकारिक घोषणा के बाद नेताओं द्वारा आम तौर पर अपनाई जाने वाली प्रचार शैली से मिलती-जुलती थी।
कार्यक्रम स्थल से निकलते समय राजनीति में संभावित प्रवेश के बारे में पूछे जाने पर धनुष ने सीधे जवाब देने से परहेज किया और इसके बजाय दीपावली की शुभकामनाएं दीं। यहां आयोजित एक बैठक में लोक निर्माण एवं खेल मंत्री आधव अर्जुन ने धनुष के राजनीति में संभावित रूप से कदम रखने की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा राज्य की मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था को चुनौती देने के लिए नए चेहरों को सुनियोजित तरीके से राजनीति में उतार रही है। राजनीति में अभिनेताओं के प्रवेश के चलन का जिक्र करते हुए उन्होंने संकेत दिया कि कुछ लोग स्थानीय मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय दिल्ली के बाहरी प्रभावों से कथित तौर पर जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि उनके नेता विजय के नेतृत्व वाला नया राजनीतिक आंदोलन धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक न्याय और भ्रष्टाचार विरोधी सिद्धांतों पर आधारित है।
धनुष की बैठक मुख्य रूप से प्रशंसकों से मिलने-जुलने का कार्यक्रम थी। लोकप्रिय अभिनेता ने उपस्थित लोगों के साथ समय बिताया, व्यक्तिगत रूप से तस्वीरें खिंचवाईं और उनसे बातचीत की। उन्होंने अपने प्रशंसकों के मनोरंजन के लिए अपनी फिल्मों के गीत भी गाए। द्रविड़ राजनीति के प्रमुख दलों ने भी इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व मंत्री एस. रेगुपति ने कहा कि लोकतांत्रिक देश में हर किसी को राजनीति में आने का अधिकार है। उन्होंने सवाल किया, ‘‘जब विजय राजनीति में आ सकते हैं, तो धनुष क्यों नहीं?’’
उन्होंने कहा कि टीवीके नेताओं की तीखी प्रतिक्रियाओं से संकेत मिलता है कि सत्तारूढ़ दल धनुष की बढ़ती लोकप्रियता को लेकर वास्तव में चिंतित है। अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता के. टी. राजेंद्र बालाजी ने धनुष को पार्टी महासचिव ई. के. पलानीस्वामी के नेतृत्व में पार्टी में शामिल होने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी खुले दिल से उनका स्वागत करेगी। बालाजी ने युवाओं के बीच अभिनेता की लोकप्रियता और वंचित तथा उत्पीड़ित समुदायों की आवाज उठाने वाली उनकी फिल्मों का भी उल्लेख किया।


