झारखंड विधानसभा बजट सत्र में अल्पसंख्यकों के मुद्दों पर चर्चा, मॉब लिंचिंग बिल फिर लाने की मांग

News Aroma
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Budget session of Jharkhand Assembly: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन गुरुवार को मॉब लिंचिंग बिल और अल्पसंख्यकों के लिए यूनिवर्सिटी की स्थापना जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।

विधायक प्रदीप यादव ने सरकार से मॉब लिंचिंग बिल को फिर से सदन में लाने की मांग की।

अरबी-फारसी यूनिवर्सिटी पर सरकार का पक्ष

मंत्री हफीजुल अंसारी ने कहा कि सरकार शेख भिखारी के नाम से अरबी, फारसी और ऊर्दू यूनिवर्सिटी की स्थापना पर विचार कर रही है। जल्द ही मदरसा बोर्ड का गठन भी किया जाएगा।

अल्पसंख्यक योजनाएं

एमएसडीपी योजना के तहत पिछले पांच वर्षों में कोई योजना नहीं शुरू होने के सवाल पर मंत्री ने बताया कि कोरोना महामारी और राजनीतिक अस्थिरता के कारण बैठकें नहीं हो सकीं।

उन्होंने कहा कि 3 मार्च को बैठक होगी और योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।

बुनकरों और भूमिहीनों की मांग

प्रदीप यादव ने राज्य के 20 हजार से अधिक बुनकरों को आर्थिक सहायता देने की मांग उठाई। साथ ही, गरीब मुस्लिमों को पट्टा देने की बात कही।

इस पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि अल्पसंख्यक का अर्थ सिर्फ मुस्लिम नहीं है, बल्कि भूमिहीन, दिव्यांग और शहीद पुलिसकर्मियों के आश्रितों को भी पट्टा दिया जाता है।

मदरसा शिक्षकों की बहाली

सदन में बताया गया कि मदरसा के 4400 पदों में से 3712 पद खाली हैं। विधायक ने TET पास ऊर्दू शिक्षकों की बहाली की मांग की, जिस पर मंत्री ने आश्वासन दिया कि इस दिशा में जल्द कार्रवाई की जाएगी।

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