द्रमुक नेता मूर्ति ने ‘कमीशन’ के दावों पर मंत्री निर्मल कुमार को चुनौती दी, कहा- ‘सबूत दें’

Archana Ekka
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मदुरै : द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेता एवं पूर्व मंत्री पी. मूर्ति ने अपने कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार और भूमि घोटाले के आरोपों को रविवार को खारिज करते हुए तमिलनाडु के मंत्री आर. निर्मल कुमार को ठोस सबूत पेश करने की चुनौती दी। राज्य के 589 पंजीकरण कार्यालयों से 20 प्रतिशत ‘कमीशन’ मिलने के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मूर्ति ने राज्य के कानून एवं बिजली मंत्री निर्मल कुमार से इन आरोपों के समर्थन में प्रमाण प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें यह बताना चाहिए कि किस कार्यालय में, मैंने किससे बात की, क्या निर्देश दिए, किस दस्तावेज और किस सर्वेक्षण के पंजीकरण के लिए कहा। उन्हें स्पष्ट रूप से यह भी बताना चाहिए कि मैंने किस विशेष व्यक्ति के लिए निषिद्ध संपत्ति का पंजीकरण कराने का आदेश दिया था।’’

पूर्व पंजीकरण मंत्री यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने पंजीकरण विभाग की कार्यप्रणाली भी स्पष्ट की। मूर्ति ने कहा कि मंदिरों की भूमि, जलाशयों और सरकारी पोरम्बोक भूमि को पंजीकरण प्रणाली में स्पष्ट रूप से चिह्नित किया गया है, ताकि उनका अवैध हस्तांतरण रोका जा सके। उन्होंने कहा कि किसी भी संपत्ति का पंजीकरण पहले से टोकन जारी होने के बाद ही होता है और अज्ञानता या लापरवाही से ऐसा नहीं किया जा सकता। पूर्व मंत्री ने 2021 से मार्च 2026 तक अपने कार्यकाल के दौरान विभाग की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पंजीकरण विभाग का राजस्व 2021 में 10,000 करोड़ रुपये से बढ़कर मार्च 2026 तक 25,000 करोड़ रुपये हो गया।

उन्होंने कहा कि इसी अवधि में वाणिज्यिक कर विभाग का राजस्व 96,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 1.43 लाख करोड़ रुपये हो गया, जिससे दोनों विभागों का संयुक्त राजस्व 1.68 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। मूर्ति ने सार्वजनिक सेवाओं, विशेषकर बिजली विभाग के संचालन को लेकर मौजूदा सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुफ्त बिजली यूनिट के पहले किए गए वादों के बावजूद बिजली दरों में वृद्धि हुई है। उन्होंने चेताया, ‘‘बिजली आपूर्ति पर पहले से दबाव दिखाई दे रहा है। यदि मौजूदा मंत्री ने तत्काल सुधारात्मक कदम नहीं उठाए तो अगले तीन से चार महीनों में राज्य को गंभीर बिजली संकट का सामना करना पड़ सकता है।’’ पूर्व मंत्री ने कहा कि उन्होंने पार्टी में 48 वर्षों तक काम किया है, जिनमें 26 वर्ष जिला सचिव के रूप में शामिल हैं और वह जनादेश का सम्मान करना जानते हैं।
उन्होंने कहा कि तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के नेतृत्व वाली सरकार को अभी केवल 60 दिन हुए हैं। वह अगले तीन महीने तक उसके कामकाज पर नजर रखेंगे, जिसके बाद ही राजनीतिक स्तर पर अपनी प्रतिक्रिया को आगे बढ़ाएंगे।

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अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सनमार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।