ट्रंप ने ओवल ऑफिस को राष्ट्रीय स्मारक बनाने की घोषणा की

डोनाल्ड ट्रंप ने ओवल ऑफिस को राष्ट्रीय स्मारक के रूप में संरक्षित करने वाले घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए। हालांकि, यह भविष्य के राष्ट्रपतियों के बदलाव करने के अधिकार सीमित नहीं करता।

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वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बृहस्पतिवार को एक घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए, जिसके बारे में उनका कहना है कि यह ओवल ऑफिस (राष्ट्रपति के आधिकारिक कार्यालय) और कैबिनेट रूम को एक राष्ट्रीय स्मारक के रूप में संरक्षित करेगा। मंगलवार को हुए मध्यावधि चुनावों में अपनी पार्टी की करारी हार के बाद यह उनका पहला आधिकारिक कदम था। लेकिन यह कदम भविष्य के राष्ट्रपतियों को इस प्रतिष्ठित कार्यालय के रंग-रूप को बदलने से नहीं रोकता है, जिसे ट्रंप ने सोने की चमक-दमक से पूरी तरह भर दिया है। न ही यह उनके किसी उत्तराधिकारी को खुद इस घोषणापत्र को ही रद्द करने से रोकता है। ट्रंप ने खुद अपने पूर्ववर्तियों द्वारा तय किए गए राष्ट्रीय स्मारक के दर्जों को पलट दिया है।

हालांकि, ट्रंप ने ओवल ऑफिस के इस आदेश को व्यापक शब्दों में बयां किया। ट्रंप ने कहा, “किसी भी व्यक्ति को इसे छूने, नष्ट करने या बेवकूफ लोगों द्वारा किसी थोड़ा अलग आकार की चीज़ बनाने के लिए इसे गिराने की अनुमति नहीं दी जाएगी। हम ओवल ऑफिस को पसंद करते हैं, और यह खुद व्हाइट हाउस की तरह ही एक प्रतीक है।” इस सप्ताह यह तीसरा दिन था जब राष्ट्रपति, जो एक रियल एस्टेट कारोबारी भी हैं, ने वाशिंगटन में अपनी पसंदीदा परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए बयान दिया।

ट्रंप के बयान के बाद जारी किए गए घोषणापत्र में कहा गया है कि इसमें मौजूद कोई भी चीज़ “स्मारक को दोबारा सजाने, साजो-सामान चुनने या सामान्य परिचालन और सुरक्षा संबंधी बदलाव करने के राष्ट्रपति के अधिकार को सीमित नहीं करेगी, बशर्ते इससे स्मारक के ऐतिहासिक ढांचे या वास्तुकला के स्वरूप को कोई बड़ा नुकसान न पहुंचे।” ट्रंप ने अलग से कहा कि किसी भी बड़े बदलाव के लिए कांग्रेस (अमेरिकी संसद) से समीक्षा की आवश्यकता होगी, हालांकि ऐसा कोई प्रावधान दस्तावेज़ के मूल पाठ में नहीं है।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।